

पुणे एयरपोर्ट पर बम खतरे से निपटने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियों ने सुरक्षा तैयारियों को परखा।
टर्मिनल और कार्गो क्षेत्र में संदिग्ध वस्तु मिलने पर त्वरित कार्रवाई हुई।
Pune Airport Bomb Threat Exercise: पुणे एयरपोर्ट पर शनिवार को बम खतरे जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर यह वार्षिक अभ्यास किया। इसका उद्देश्य बम धमकी की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की प्रतिक्रिया, समन्वय और आपातकालीन तैयारियों का परीक्षण करना था।
अभ्यास की शुरुआत सुबह 11 बजे एएआई प्रशासनिक भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित टेबलटॉप एक्सरसाइज से हुई। इसमें काल्पनिक खतरे की परिस्थितियों, विभिन्न एजेंसियों की जिम्मेदारियों और आपसी संचार व्यवस्था पर चर्चा की गई।
इसके बाद सुबह 11:30 बजे टर्मिनल बिल्डिंग में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के तहत एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति ने इंडिगो प्रबंधक को चेक-इन क्षेत्र में एक लावारिस बैग होने की सूचना दी, जिसमें विस्फोटक सामग्री होने का संदेह जताया गया।
सूचना मिलते ही इंडिगो प्रबंधन ने सीआईएसएफ के सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को अलर्ट किया। इसके बाद क्विक रिएक्शन टीम सक्रिय हुई और प्रभावित क्षेत्र को तुरंत खाली कराया गया। यात्रियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
संदिग्ध बैग को ब्लास्ट इनहिबिटर से ढककर पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। इसके बाद डॉग स्क्वॉड, एक्सप्लोसिव वेपर डिटेक्टर (ईवीडी), नॉन-लीनियर जंक्शन डिटेक्टर (एनएलजेडी), इलेक्ट्रॉनिक स्टेथोस्कोप और हैंडहेल्ड रियल टाइम व्यूइंग सिस्टम सहित कई सुरक्षा उपकरणों की मदद से जांच की गई।
अभ्यास के तहत बैग में काल्पनिक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की मौजूदगी की पुष्टि की गई, जिसके बाद बम थ्रेट असेसमेंट कमेटी की बैठक बुलाई गई और इसे विशेष खतरे की श्रेणी में घोषित किया गया।
इसके बाद बम निष्क्रियकरण दस्ता ने टेलीस्कोपिक मैनिपुलेटर की मदद से संदिग्ध बैग को संभाला और उसे विशेष सुरक्षा कंटेनर में रखा। सफलतापूर्वक 'रेंडर सेफ प्रोसीजर' पूरा करने के बाद बैग को निर्धारित सुरक्षित निस्तारण क्षेत्र में ले जाया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान कार्गो क्षेत्र में भी एक डमी आईईडी रखा गया था। इंडिया पोस्ट के निकट स्थित इस क्षेत्र में राज्य बम निष्क्रियकरण दस्ते ने विस्फोटक को सफलतापूर्वक खोज निकाला, जिससे उसकी तत्परता और क्षमता का प्रदर्शन हुआ।
इस अभ्यास में CISF, भारतीय वायुसेना, पुणे पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), अग्निशमन सेवा, कस्टम विभाग, इमिग्रेशन, स्वास्थ्य विभाग, एयरलाइन कंपनियों और एयरपोर्ट से जुड़े अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के मॉक अभ्यास एयरपोर्ट सुरक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनसे सुरक्षा एजेंसियों की संचालन क्षमता, आपसी समन्वय और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलती है।