

Pune 400 Crore Investment News: औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से उभरते पुणे के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर है। अगले दस वर्षों में पुणे की धरती पर 400 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश होने जा रहा है, जिससे युवाओं के लिए 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इस ऐतिहासिक विजन को हकीकत में बदलने के लिए महाराष्ट्र सरकार और दिग्गज कंपनी 'एग्रेको इंडिया' के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में हुए इस समझौते के तहत, राज्य सरकार ने कंपनी को वर्ल्ड क्लास कार्य परिसर और हर संभव प्रशासनिक सहयोग देने का भरोसा दिलाया है। यह कदम पुणे के औद्योगिक परिदृश्य को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि पुणे तेजी से 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स' (जीसीसी) का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। महाराष्ट्र उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, मजबूत आधारभूत सुविधाएं और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने एग्रेको इंडिया का महाराष्ट्र में स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि कंपनी यहाँ सफलतापूर्वक अपने वैश्विक संचालन का विस्तार करेगी। फडणवीस ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उद्योग, ऊर्जा, श्रम और खनन विभागों के माध्यम से परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां, पंजीकरण, मंजूरी और नीतिगत सहायता उपलब्ध कराएगी।
इस परियोजना में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व दिया जाएगा। सरकार की 'जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना' को समर्थन देने तथा शाश्वत ऊर्जा प्रणालियों के प्रसार में सहयोग करने का भी आश्वासन दिया है। यह निवेश हरित और उन्नत औद्योगिक विकास की दिशा में नई गति प्रदान करेगा। मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्र, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ। पी। अन्बलगन, निवेश सलाहकार कौस्तुभधवसे तथा कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस करार के तहत एग्रेको इंडिया पुणे जिले के फुलगांव क्षेत्र में एक अत्याधुनिक वैश्विक इंजीनियरिंग और उत्पादन केंद्र स्थापित करने जा रही है। इस परियोजना का कार्य इसी वर्ष शुरू होने की संभावना है।
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, स्कॉटलैंड के बाहर यह एग्रेको का सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक इंजीनियरिंग और उत्पादन केंद्र होगा, जहाँ आधुनिक तकनीक आधारित ऊर्जा और तापमान नियंत्रण उपकरणों का उत्पादन किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकल्प से स्थानीय सप्लाई चेन मजबूत होगी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने का अवसर मिलेगा। राज्य में प्रिसिजन इंजीनियरिंग, ऊर्जा उपकरण निर्माण और आधुनिक उत्पादन क्षमता को भारी बढ़ावा मिलेगा, जिससे पुणे को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।