मानसून के लिए PMRDA की आपदा टीम मुस्तैद, बाढ़-भूस्खलन से निपटने को 60 जवान तैनात
Pune Monsoon News: पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (PMRDA) की आपदा प्रतिक्रिया टीम (PDRF) ने मानसून में बाढ़ और भूस्खलन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए 60 जवानों के साथ तैयारी पूरी कर ली है।
- Written By: रूपम सिंह
आपदा प्रबंधन टीम (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Pune Monsoon Preparedness: पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण, पहाड़ी इलाकों, घाटों, बांध क्षेत्रों और नदियों की भौगोलिक विविधता को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन मशीनरी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
प्राधिकरण की ‘पुणे महानगर आपदा प्रतिक्रिया टीम’ (पीडीआरएफ) और दमकल विभाग ने मानसून के दौरान भारी बारिश से पैदा होने वाली बाढ़, भूस्खलन, चट्टानें खिसकने और पेड़ गिरने जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के सीधे मार्गदर्शन में यह दस्ता पूरे महानगर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे तैनात है। पीएमआरडीए के इस सुरक्षा बल ने बहुत ही कम समय में अपनी उपयोगिता साबित की है।
आगजनी की सैकड़ों घटनाओं पर पाया काबू
अब तक टीम ने 300 से अधिक आगजनी की घटनाओं पर काबू पाया है और 189 सफल बचाव अभियानों को अंजाम दिया है। पिछले दिनों भारी बारिश के दौरान जब वाघोली, विश्रांतवाडी, शांतिनगर, सुस और बावधान में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे, तब इन्हीं जवानों ने रबर बोट्स की मदद से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था। खडकवासला डैम से पानी छोड़े जाने के समय सिंहगढ़ रोड, नांदे और शिवणे को जोड़ने वाले पुलों को एहतियातन बंद कर टीम ने जनहानि को रोकने में भूमिका निभाई।
सम्बंधित ख़बरें
अकोला में बरसात में डायरिया से बचाव पर जोर, 16 जून से 31 जुलाई तक चलेगा अभियान
अकोला मनपा में आपदा प्रबंधन की तैयारी तेज, चार स्वतंत्र टीमें 24×7 रहेंगी तैनात
पुणे सहित पूरे महाराष्ट्र में बढ़ेगी मानसून की रफ्तार, अगले 2-3 दिनों में भारी बारिश का अलर्ट, तापमान में 4°C
अमरावती पुलिस विभाग में रिटायरमेंट समारोह के साथ पदोन्नति का उत्साह; 6 कर्मचारियों को लगे स्टार और बैज
यह भी पढ़ें:- पुणे सहित पूरे महाराष्ट्र में बढ़ेगी मानसून की रफ्तार, अगले 2-3 दिनों में भारी बारिश का अलर्ट, तापमान में 4°C
उपायों पर तेजी से चल रहा काम
पुणे जिला अतीत में मालिण जैसी भीषण भूस्खलन दुर्घटना और लवासा सहित पश्चिमी घाटों में भारी बारिश से होने वाली तबाही देख चुका है। इन आपदाओं से सबक लेते हुए प्राधिकरण का मुख्य ध्यान केवल बचाव कार्य करने के बजाय पहले से ही ‘निवारक उपाय’ करने पर है।
60 कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात
आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए मानव संसाधन और आधुनिक उपकरणों का बड़ा सहारा मिला है। पीएमआरडीए के तहत फिलहाल तीन दमकल केंद्र काम कर रहे हैं, जहां 60 कर्मचारी तैनात है। आपदा प्रबंधन को सक्षम बनाने के लिए 30 कर्मचारियों की एक विशेष टीम भी एक्टिव है।
