

Pune Crime News 2026: पुणे जिले के नसरापुर गांव को झकझोर देने वाले तीन वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और निर्मम हत्या मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने गुरुवार को आरोपी भीमराव कांबले को दोषी करार दिया। अब 29 जून को अदालत यह तय करेगी कि दोषी को आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी या फिर उसे फांसी की सजा सुनाई जाएगी। फैसले के बाद पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हो गई है।
एक मई को हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे महाराष्ट्र को स्तब्ध कर दिया था। गांव में खेल रही साढ़े तीन वर्षीय मासूम को आरोपी बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। कुछ समय बाद बच्ची का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय नागरिक सड़कों पर उतर आए और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।
पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटना के बाद शुरू हुए आंदोलन के दौरान पुलिस ने नागरिकों को कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया था। उसी दिन एक विशेष एक्शन प्लान तैयार किया गया। 15 सदस्यीय पुलिस टीम, विशेष सरकारी वकील, उनके सहयोगियों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने दिन-रात मेहनत कर रिकॉर्ड समय में जांच पूरी की। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने केवल 15 दिनों में करीब 1200 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी। जांच में चश्मदीद गवाह नहीं थे, इसलिए तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर विशेष जोर दिया गया। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज जुटाकर उनका गहन विश्लेषण किया गया। साथ ही बड़ी संख्या में लोगों के बयान दर्ज किए गए।
तीन नाबालिग लड़कों के बयान बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए। इन बच्चों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने आरोपी और मासूम बच्ची को एक पत्र के शेड में साथ देखा था। इन बयानों ने जांच को निर्णायक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मामले की सुनवाई भी असाधारण रही। विशेष न्यायाधीश एस। आर। सालुंखे ने अपनी गर्मियों की छुट्टियां रद्द कर 18 मई से रोजाना सुनवाई शुरू की। पूरे मुकदमे के दौरान एक भी बार सुनवाई स्थगित नहीं हुई।
विशेष सरकारी वकील अजय मिसर ने अदालत में डीएनए रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और 55 से अधिक गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी का अपराध साबित किया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने 39 मिनट के भीतर मासूम के शरीर पर 18 गंभीर चोटें पहुंचाई अदालत ने आरोपी की उस दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें उसने बच्ची के गिरने से चोट लगने की कहानी गढ़ी थी।
घटनाक्रम की टाइमलाइन