

Pimpri Chinchwad River Pollution: पिंपरी-चिंचवड की जीवनदायिनी मानी जाने वाली पवना और इंद्रायणी नदियों में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए राज्य की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने शुक्रवार को शहर का दौरा किया।
इंद्रायणी नदी पर स्थित निघोजे बांध का प्रत्यक्ष निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नदियों में शहरी और औद्योगिक अपशिष्ट (सीवेज) सीधे मिलने के कारण पानी अत्यधिक दूषित हो गया है, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
शहर की लगभग 35 लाख आबादी इन नदियों पर निर्भर है। इस गंभीर मुद्दे को भाजपा विधायक महेश लांडगे ने विधानसभा सत्र के दौरान 'लक्षवेधी सूचना' के जरिए उठाया था, जिसके बाद मंत्री ने यह दौरा किया।
दौरे के दौरान विधायक महेश लांडगे ने प्रदूषण रोकने के लिए तत्काल और दीर्घकालीन उपायों का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने मांग की कि महानगरपालिका में शामिल नए गांवों में पवना नदी पर तत्काल एसटीपी (STP) प्लांट लगाए जाएं और किवले के लंबित 20 एमएलडी एसटीपी प्रोजेक्ट के लिए सरकारी प्रस्ताव (GR) तुरंत जारी किया जाए।
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साथ ही, रावेत और निघोजे बाधों पर आधुनिक 'एरेटर' लगाने और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में साल भर के भीतर एसटीपी शुरू करने का सुझाव दिया। इस मौके पर महापौर रवि लांडगे, विधायक शंकर जगताप, उमा खापरे, अमित गोरखे, निगमायुक्त डॉ विजय सूर्यवंशी और पीएमआरडीए के आयुक्त अभिजीत चौधरी सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एमआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पिंपरी-चिंचवड़ के करीब 40 लाख नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से रावेत और निघोजे बांधों में पानी के प्रदूषण का मुद्दा बेहद गंभीर हो गया है। इसके लिए हम मनपा, पीएमआरडीए और राज्य सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं।
- महेश लांडगे, विधायक