पुनावले में भोगवटा प्रमाणपत्र मामले में बड़ा एक्शन, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के दो अधिकारी निलंबित

Pimpri Chinchwad Officers Suspended: पुनावले में इमारत के भोगवटा प्रमाणपत्र शुल्क में विसंगति पर PCMC आयुक्त ने कार्यकारी अभियंता विजय सोनवणे और उपअभियंता अशोक मोरे को निलंबित कर जांच के आदेश दिए।
Two officials, including an Executive Engineer, suspended over irregularities in the Occupancy Certificate
पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिकासोर्स- सोशल मीडिया
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Pimpri Chinchwad Municipal Corporation: पुनावले स्थित एक आवासीय एवं वाणिज्यिक इमारत के भोगवटा प्रमाणपत्र के लिए प्रशमन शुल्क में कथित विसंगति के मामले में पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका ने बड़ी कार्रवाई की है।

मनपा आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने भवन निर्माण विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

कार्यकारी अभियंता और उपअभियंता पर कार्रवाई

निलंबित अधिकारियों में भवन निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता विजय सोनवणे और उपअभियंता अशोक मोरे शामिल हैं। आयुक्त ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ 15 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

यह कार्रवाई भाजपा के पूर्व उपमहापौर और नगरसेवक तुषार हिंगे की शिकायत के बाद की गई। हिंगे ने मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत कर निर्माण अनुमति विभाग में अधिकारियों द्वारा अधिकारों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया था।

मुख्यमंत्री के आदेश पर हुई जांच

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि निर्माण अनुमति विभाग में तैनात कुछ अधिकारी फाइलों में जानबूझकर तकनीकी अड़चनें पैदा करते हैं और इसके जरिए नागरिकों का आर्थिक शोषण करते हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद मामले की जांच की गई।

जांच के दौरान पुनावले की संबंधित इमारत के भोगवटा प्रमाणपत्र से जुड़े ‘अ’ और ‘ब’ प्रपत्रों में दर्ज प्रशमन शुल्क की राशि में अंतर पाया गया।

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अधिकारियों का स्पष्टीकरण असंतोषजनक

जांच के दौरान दोनों अधिकारियों से इस विसंगति को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अधिकारियों की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

मनपा के अनुसार, दोनों अधिकारियों को महाराष्ट्र सिविल सेवा (आचरण) नियमों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है। इसके साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

निर्माण विभाग में हड़कंप

दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ हुई इस कार्रवाई से पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया है। अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि भोगवटा प्रमाणपत्र से जुड़े दस्तावेजों में प्रशमन शुल्क की राशि में अंतर किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुआ।

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