पानी संकट की चेतावनी: बकाया न चुकाने पर शहर की जलापूर्ति बंद करने का नोटिस, 143 करोड़ बकाया पर विवाद

Water Supply Dispute: गर्मी से पहले पिंपरी-चिंचवड़ में पानी संकट गहराने लगा है। बकाया भुगतान और जल शुद्धिकरण की खामियों को लेकर विभाग ने चेतावनी दी है कि भुगतान न होने पर जलापूर्ति रोकी जा सकती है।
PCMC City Transformation Office Expenses Project News
पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (सौ. सोशल मीडिया )
Updated on

Pimpri Chinchwad Water Crisis Dues Notice: पिंपरी-चिंचवड़ शहर में आगामी गर्मियों से पहले पानी को लेकर संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई है।

बांध से लिए जाने वाले पानी के शुल्क और जल शुद्धिकरण से संबंधित करोड़ों रुपये का बकाया न चुकाने के कारण जलसंपदा विभाग ने महानगर पालिका (पीसीएमसी) को सख्त नोटिस जारी किया है।

विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बकाया राशि का भुगतान जल्द नहीं किया गया, तो शहर की जलापूर्ति काट दी जाएगी। वर्तमान में करीब 43 करोड़ रुपये की मूल राशि बकाया बताई जा रही है, लेकिन जल शुद्धिकरण में बरती जा रही अनियमितताओं और दंड को मिलाकर यह आंकड़ा 143 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

पिछले छह वर्षों से एक दिन छोड़कर जलापूर्ति का सामना कर रहे शहरवासी पहले से ही अपर्याप्त और अनियमित पानी की समस्या से त्रस्त हैं। ऐसे में जलसंपदा विभाग के कड़े रुख ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

विभाग का दावा है कि महानगर पालिका के दस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) की कुल क्षमता 345 मिलियन लीटर है, लेकिन वास्तविकता में प्रतिदिन केवल 275 मिलियन लीटर पानी का ही शुद्धिकरण किया जा रहा है।

इसके परिणामस्वरूप, रोजाना लगभग 70 मिलियन लीटर दूषित पानी बिना किसी प्रक्रिया के सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शुद्ध किए गए पानी को कृषि कार्यों के लिए किसानों को उपलब्ध न कराने का भी गंभीर आरोप मनपा पर लगाया गया है, जिसके कारण विभाग ने भारी जुर्माना वसूला है।

अधिकारी का पक्ष

महानगर पालिका की ओर से पानी के बिलों का नियमित भुगतान किया जा रहा है और गुरुवार रात ही 8 करोड़ 6 लाख रुपये जमा किए गए हैं। जलसंपदा विभाग द्वारा सीवेज ट्रीटमेंट में कमी के आधार पर जो जुर्माना लगाया गया है, उसी के संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है। हम इस विषय पर विभाग के साथ समन्वय कर रहे हैं। - प्रमोद ओभासे, मुख्य अभियंता, जलापूर्ति विभाग (PCMC)

रावेत बांध से रोजाना 550 मिलियन लीटर कच्चा पानी मिलता है

शहर की प्यास बुझाने के लिए मुख्य रूप से मावल स्थित पवना बांध पर निर्भरता है, रावेत बांध से प्रतिदिन 550 मिलियन लीटर कच्चा पानी उठाया जाता है, जिसे निगडी और भोसरी के केंद्रों में शुद्ध कर वितरित किया जाता है। हालांकि, स्वीकृत कोटा 450 मिलियन लीटर का ही है।

इस पूरे विवाद पर मुख्य अभियंता प्रमोद ओभासे का कहना है कि मनपा नियमित भुगतान कर रही है और हाल ही मैं 8 करोड़ से अधिक की राशि जमा की गई है, लेकिन सीवेज ट्रीटमेंट के मुद्दे पर लगाए गए जुर्माने के कारण यह विवाद बढ़ा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com