पिंपरी-चिंचवड़ में सोसायटियों पर शिकंजा, STP के अतिरिक्त पानी को सीवेज लाइन में छोड़ने पर लगेगा शुल्क

Pimpri Chinchwad News:पिंपरी-चिंचवड़ मनपा एसटीपी का अतिरिक्त उपचारित पानी सीवेज लाइन में बहाने पर सोसायटियों से शुल्क लेगी। नदी प्रदूषण रोकने के लिए यह प्रस्ताव महासभा में रखा गया है।
Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation cracks down
पिंपरी चिंचवड़ मनपा एसटीपी पानी शुल्कसोर्स- सोशल मीडिया
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Pimpri Chinchwad PCMC STP Water Charge: पिंपरी-चिंचवड़ शहर की हाउसिंग सोसायटियों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से उपचारित पानी के अनुचित निस्तारण और इससे बढ़ते नदी प्रदूषण को रोकने के लिए महानगरपालिका ने सख्त कदम उठाया है। अब सोसायटियों में उपयोग के बाद बचने वाले अतिरिक्त प्रोसेस्ड पानी को मनपा की सीवेज लाइन के जरिए बहाने पर शुल्क वसूला जाएगा। पर्यावरण विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए महासभा के समक्ष रखा गया है।

50 फीसदी उपचारित पानी का पुन: उपयोग अनिवार्य

राज्य सरकार के पर्यावरण विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार निजी सोसायटियों में STP से उपचारित कुल पानी का कम से कम 50 प्रतिशत पुन: उपयोग करना जरूरी है। इसका इस्तेमाल बागवानी, फ्लशिंग, वाहन धुलाई सहित अन्य कार्यों में किया जा सकता है। बचा हुआ पानी सीवेज लाइन से जोड़ना अनिवार्य है।

फिलहाल सिर्फ 30 फीसदी पानी का हो रहा उपयोग

पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के सर्वेक्षण में सामने आया कि शहर की सोसायटियों में वर्तमान में केवल 30 प्रतिशत उपचारित पानी का ही उपयोग किया जा रहा है। बाकी प्रोसेस्ड पानी को उचित व्यवस्था के अभाव में नालों या सीवेज लाइनों में बहाया जा रहा है। इससे जलस्रोतों और नदियों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।

सीवेज लाइन कनेक्शन के लिए 10 हजार रुपये शुल्क

प्रस्ताव के अनुसार सीवेज लाइन कनेक्शन के लिए 10,000 रुपये प्रति कनेक्शन शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा आवासीय उपयोग के लिए 500 रुपये प्रति फ्लैट, वाणिज्यिक उपयोग के लिए 100 रुपये प्रति उपयोगकर्ता और अन्य श्रेणी के लिए भी 100 रुपये प्रति उपयोगकर्ता शुल्क प्रस्तावित है।

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नदी प्रदूषण रोकने में मिलेगी मदद

मनपा के पर्यावरण विभाग के अनुसार इस व्यवस्था से उपचारित पानी के उचित प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जलस्रोतों और नदियों में प्रदूषित पानी के प्रवाह को रोकने में मदद मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि शुल्क व्यवस्था लागू होने से सोसायटियां STP से उपचारित पानी के पुन: उपयोग और निस्तारण को लेकर अधिक जिम्मेदारी से काम करेंगी।

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