

Pimpri Chinchwad Municipal Corporation: पिंपरी-चिंचवड़ शहर और चाकण औद्योगिक क्षेत्र के बीच यातायात की गंभीर समस्या को स्थायी रूप से हल करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भक्तिशक्ति चौक (निगड़ी) से चाकण तक प्रस्तावित महत्वाकांक्षी मेट्रो मार्ग को पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका की आमसभा ने सर्वसम्मति से अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा तैयार की गई 12,937 करोड़ 23 लाख की परियोजना रिपोर्ट को स्वीकृति मिलने के बाद अब प्रस्ताव मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा जा रहा है।
45.295 किमी मेट्रो कॉरिडोर में कुल 34 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 28 स्टेशन पिंपरी-चिंचवड़ मनपा की सीमा में आएंगे। आमसभा में पूर्व सदन नेता प्रशांत शितोले ने यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव पटल पर रखा, जिसका समर्थन शत्रुघ्न काटे ने किया। वहीं, ज्ञानेश्वर जगताप द्वारा प्रस्तुत की गई आवश्यक उपसूचनाओं को कुशाग्र कदम के समर्थन के बाद महापौर रवि लांडगे ने स्वीकार करते हुए प्रस्ताव को आधिकारिक रूप से पारित घोषित किया।
वाकड़ स्टेशन पर यात्रियों के लिए हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन बदलने (इंटरचेंज) की सुलभ सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके आगे यह मेट्रो विशालनगर कॉर्नर, कोकणे चौक, पिंपले सौदागर, पिपले गुरव, नासिक फाटा, संत तुकारामनगर, वल्लभनगर, गवलीमाता चौक, सेंचुरी एन्का
कॉर्नर, लांडेवाड़ी, भोसरी गांव, भोसरी सेक्टर-1, भोसरी एमआईडीसी, वखार महामंडल गोदाम चौक, पीआईईसी, मोशी स्थित भारतमाता चौक, चिंबली फाटा, बर्गेवस्ती, कुरली, आलंदी फाटा और नाणेकरवाड़ी होते हुए सीधे चाकण पहुंचेगी।
वर्तमान में पिंपरी-चिंचवड़ शहर में दापोडी से पिपरी के बीच मेट्रो सेवा सुचारु रूप से संचालित हो रही है, जबकि पिंपरी से भक्तिशक्ति समूह शिल्प चौक (निगड़ी) तक 4।519 किलोमीटर के विस्तार कार्य पर तेजी से काम जारी है।
दापोडी-निगड़ी मार्ग का काम पूरा होने के बाद, दूसरे चरण के रूप में भक्तिशक्ति चौक से सीधे चाकण तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। यह रूट आईटी हब हिंजवडी और ऑटोमोबाइल हब चाकण के बीच आवाजाही करने वाले लाखों कर्मचारियों और आम नागरिकों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा। प्रस्तावित मेट्रो मार्ग की शुरुआत निगड़ी के भक्तिशक्ति समूह शिल्प चौक से होगी। इसके बाद यह रूट ट्रांसपोर्टनगर, गणेशनगर, मुकाई चौक, रावेत, पुनावले गाव, पुनावले, ताथवडे गांव, ताथवडे, भूमकर चौक और भुजबल चौक होते हुए वाकड़ पहुंचेगा।
12,937.23 करोड़ की इस विशालकाय परियोजना का वित्तीय ढांचा बेहद सुव्यवस्थित तरीके से तैयार किया गया है। केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही इस परियोजना में 1,721,71-1,721।71 करोड़ का भागभांडवल (इक्विटी) देंगे।
दोनों सरकारों के माध्यम से रु510.23 करोड़ का कर्ज लिया जाएगा, जबकि राज्य सरकार की ओर से रु898.14 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना लागत का सबसे बड़ा हिस्सा, यानी रु6,695,81 करोड़, अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से कर्ज के रूप में जुटाया जाएगा।