पिंपरी-चिंचवड़ में प्रदूषण का भयावह रूप, नदियों में सीवेज और हवा में उड़ती धूल से नागरिकों की सेहत पर खतरा

Maharashtra Pollution Crisis:पिंपरी-चिंचवड़ में नदियों का जल प्रदूषण और AQI 190 तक पहुंचने से हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। सिटिजन फोरम ने MPCB और NGT की संयुक्त समिति बनाकर जांच की मांग की है।
Alarming levels of pollution in Pimpri-Chinchwad: sewage in rivers and airborne dust
पिंपरी चिंचवड़ पीसीएमसी प्रदूषण संकट, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Pimpri Chinchwad PCMC Pollution Crisis: पिंपरी-चिंचवड़ शहर में लगातार बढ़ता प्रदूषण नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन गया है, लेकिन इसे नियंत्रित करने में महानगर पालिका (पीसीएमसी) प्रशासन बेपरवाह नजर आ रहा है। शहर की जीवनदायिनी पवना, इंद्रायणी और मुला नदियां बुरी तरह प्रदूषित हो चुकी हैं। पीसीएमसी की पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक, गर्मी और सर्दी के मौसम में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 190 तक पहुंच जाता है, जो हवा की खराब गुणवत्ता को दर्शाता है।

365 स्थानों पर अतिक्रमण

शहर में कुल 91.50 किलोमीटर लंबाई के 143 नाले हैं, जिनमें से 365 स्थानों पर अतिक्रमण और नालों को पाटे जाने के मामले सामने आए हैं। एमआईडीसी क्षेत्र का औद्योगिक कचरा और घरेलू सीवेज बिना ट्रीट किए सीधे नदियों में मिल रहा है। कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे जल प्रदूषण भयावह रूप ले रहा है। दूसरी ओर, धड़ल्ले से चल रहे निर्माण कार्यों,

सड़क की अंधाधुंध खुदाई और भारी वाहनों की आवाजाही से धूल प्रदूषण आसमान छू रहा है। नियमों की अनदेखी कर खुले में निर्माण सामग्री फेंकी जा रही है। इसके अलावा, त्योहारी सीजन में ध्वनि प्रदूषण का स्तर 100 डेसिबल तक पहुंच जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है।

पिंपरी-चिंचवड़ मनपा ने 23 चौराहों पर ड्राय मिस्ट सिस्टम, फॉग कैनन वाहन और रोड वॉशर जैसी मशीनें तैनात तो की हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में ये ज्यादातर समय बंद रहती हैं। सड़कों और पेड़ों पर जमी धूल की मोटी परतें इसकी पोल खोल रही हैं।

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पिंपरी-चिंचवड़ शहर में प्रदूषण बना गंभीर खतरा

पिपरी-चिंचवड सिटीजन फोरम के प्रतिनिधि तुषार शिंदे ने मनपा, एमआईडीसी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनजीटी की एक संयुक्त उच्चस्तरीय समिति बनाकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकराल हो सकती है।

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