

NEET UG Paper Leak CBI Latur Special Classes: नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच में सीबीआई को बड़ा सुराग मिला है। जांच एजेंसी के अनुसार, लातूर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ मनोज शिरूरे के फ्लैट पर 'स्पेशल क्लासेस' चलाई जाती थीं, जहां प्रो। पी। वी। कुलकर्णी छात्रों को पढ़ाते थे।
इन क्लासेस के लिए छात्रों से मोटी फीस वसूली जाती थी। सीबीआई अब कुलकर्णी-मोटेगावकर-शिरूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। मामले में डॉ। मनोज शिरूरे और पुणे की डॉ। अभंग प्रभू मेडिकल अकादमी के फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह को गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने दोनों को 1 जून तक सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।
वहीं आरसीसी क्लासेस से जुड़े प्रो शिवराज मोटेगांवकर और प्रो कुलकर्णी को 10 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जांच में सामने आया है कि पहले मोटेगांवकर क्लासेस में 'प्लैटिनम गोल्ड बैच' नाम से विशेष बैच संचालित किए जाते थे।
आरोप है कि इसी नेटवर्क के जरिए छात्रों तक प्रश्न पहुंचाए जाते थे। सीबीआई को शक है कि नीट पेपर सेटिंग और अनुवाद प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ इन आरोपियों की सीधी साठगांठ थी। सीबीआई अब तक 49 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।
जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नाशिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
नीट-यूजी पेपर लीक मामला सामने आने के बाद देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब जांच एजेंसियों की नजर इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने पर टिकी है।