CM की फोटो से छेड़छाड़ और नक्सल प्रेम पड़ा भारी, राकांपा (SP) का सोशल मीडिया प्रमुख जेल में

Mahadev Balgude Arrested: पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने राकांपा (शरद पवार) के सोशल मीडिया प्रमुख महादेव बालगुडे को मुख्यमंत्री फडणवीस की फोटो से छेड़छाड़ और नक्सलवाद के समर्थन में गिरफ्तार किया है।
Tampering with CM's Photo and 'Naxal Sympathies' Prove Costly: NCP (SP) Social Media Chief Jailed
गिरफ्तारी की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

CM Fadnavis Morphed Photo: महाराष्ट्र की राजनीति में डिजिटल वार अब कानूनी पचड़ों में तब्दील हो गया है। पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस की साइबर शाखा ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के सोशल मीडिया विंग के प्रदेश अध्यक्ष महादेव विलास बालगुडे (40) को गिरफ्तार किया है। बालगुडे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आपत्तिजनक 'मॉर्फ्ड' (छेड़छाड़ की गई) फोटो वायरल करने और प्रतिबंधित नक्सली कमांडर के समर्थन में पोस्ट लिखने के गंभीर आरोप हैं।

क्या है पूरा मामला?

पुणे के बारामती के रहने वाले महादेव बालगुडे के खिलाफ 22 अप्रैल को पुणे के एक वकील बसवराज मल्लिकार्जुन यादवाड ने शिकायत दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, बालगुडे ने 3 अप्रैल से 20 अप्रैल के बीच अपने फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से कई विवादित पोस्ट साझा किए थे। मुख्य आरोप है कि बालगुडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की एक ऐसी तस्वीर साझा की जिसमें तकनीकी रूप से छेड़छाड़ की गई थी ताकि उनकी छवि को धूमिल किया जा सके। एफआईआर में उल्लेख है कि आरोपी ने अपने फॉलोअर्स को मुख्यमंत्री पर हमला करने के लिए उकसाने वाले बयान लिखे थे, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा पैदा हो गया। आरोपी ने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के शीर्ष कमांडर मड़वी हिडमा के संदर्भ में सहानुभूतिपूर्ण पोस्ट साझा की, जिसे देश की एकता और अखंडता के खिलाफ माना गया है।

कानूनी शिकंजा: 6 दिनों की पुलिस कस्टडी

पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस के डीसीपी (क्राइम) शिवाजी पवार ने पुष्टि की है कि बालगुडे को गुरुवार शाम गिरफ्तार किया गया और शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी की गंभीरता को देखते हुए उसे 6 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।बालगुडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है:

  • धारा 152: भारत की एकता और अखंडता के प्रतिकूल कार्य।
  • धारा 356(2): मानहानि (Defamation)।
  • धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान।
  • धारा 353(1)(b): सार्वजनिक शरारत करने वाले बयान।
  • आईटी एक्ट की धारा 66C: पहचान की चोरी और इलेक्ट्रॉनिक धोखाधड़ी।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

चुनावों के इस दौर में सोशल मीडिया प्रमुख की गिरफ्तारी ने राकांपा (एसपी) के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। जहां एक ओर पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, वहीं पुलिस का कहना है कि सबूतों के आधार पर कार्रवाई की गई है। नक्सलवाद के समर्थन वाले पोस्ट ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से जुड़ गया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com