

Nasrapur Case: पुणे के नसरापुर (भोर) में एक साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। ससून अस्पताल प्रशासन द्वारा पुलिस को सौंपी गई प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह चौंकाने वाली जानकारी मिली है कि हत्या के दौरान आरोपी ने बच्ची की चीख दबाने के लिए उसके मुंह में मोजा ठूंस दिया था। रिपोर्ट में बच्ची के सीने पर भी चोट के निशान पाए गए हैं, जो हमले की बेरहमी को बयां करते हैं।
पुलिस अब इन चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर अपनी चार्जशीट को मजबूत करने में जुटी है। आरोपी का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा चुका है ताकि वैज्ञानिक सबूतों के जरिए अदालत में उसकी कड़ी सजा सुनिश्चित की जा सके।
यह घटना 1 मई को हुई थी, जब बच्ची अपनी छुट्टियों के दौरान नानी के घर आई हुई थी। वह आंगन में खेल रही थी, तभी 65 वर्षीय आरोपी उसे बहला-फुसलाकर एक गौशाला में ले गया। वहां उसने मासूम का यौन उत्पीड़न किया और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने मासूम के शव को गोबर के ढेर के नीचे छिपा दिया और वहां से फरार हो गया था, जिसे बाद में ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
इस संवेदनशील मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पीड़ित पिता से व्यक्तिगत रूप से बात की और उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि सरकार इस मामले को उच्च न्यायालय के माध्यम से फास्ट ट्रैक पर चलाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यद्यपि सार्वजनिक फांसी की मांग उठ रही है, लेकिन लोकतंत्र कानून के अनुसार चलता है और सरकार बिना किसी कानूनी खामी के आरोपी को मौत की सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
प्रशासन ने नसरापुर पीड़ित परिवार को आर्थिक और कानूनी सहायता का पत्र सौंप दिया है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय सीमा के भीतर आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करें। समाज में फैले रोष को देखते हुए पुलिस विभाग और फोरेंसिक टीमें साक्ष्यों का मिलान तेजी से कर रही हैं ताकि अदालत में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।