नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार सूरज ढलने के बाद क्यों हुआ? बेटे मल्हार पाटेकर ने बताई वजह

Nana Patekar Last Rites: नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में हुई देरी पर बेटे मल्हार पाटेकर ने वजह बताई है। जानिए क्यों गोवा से शव लाने में हुई देरी के कारण सूरज ढलने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया।
nana patekar funeral after sunset son malhar patekar reveals reason
नाना पाटेकर और मल्हार पाटैकर(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nana Patekar Funeral After Sunset: दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर का गुरुवार रात पुणे जिले के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर अंतिम संस्कार किया गया। अभिनेता के बेटे मल्हार पाटेकर ने दाह संस्कार के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार सूरज ढलने के बाद क्यों किया गया।

मल्हार पाटेकर ने बताया कि अभिनेता के शव को गोवा से फार्महाउस तक लाने में लंबा समय बीत चुका था। इसलिए, पार्थिव शरीर को लंबे समय तक रखना ठीक नहीं था। उन्होंने कहा, हम गोवा में थे और उनके पार्थिव शरीर को गांव के फार्महाउस तक लाना था। हमें उम्मीद थी कि फार्महाउस तक जल्दी पहुंच जाएंगे, लेकिन पहुंचने में समय ज्यादा लग गया और पार्थिव शरीर को लंबे समय तक रखना ठीक नहीं था। इसलिए हमें सूरज ढलने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया करनी पड़ी थी।

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सामाजिक कार्यों की विरासत और आगे की योजना

मल्हार पाटेकर ने अपने पिता के सामाजिक कार्यों की विरासत को आगे बढ़ाने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, मेरे पिता जी, जैसे लोग कहीं नहीं जाते हैं, वे अपने काम से हमेशा जीवित रहते हैं। वे हमेशा कहते थे कि हमें लोगों की मदद करनी चाहिए और दुनिया को बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए। हमारा सामाजिक कार्य महाराष्ट्र राज्य के साथ-साथ बाकी राज्यों में भी फैला हुआ है, जिसमें जम्मू-कश्मीर भी शामिल है। हम वहां शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सामाजिक कार्य कर रहे हैं।

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अधूरे सपनों और जिम्मेदारियों को पूरा करने का संकल्प

उन्होंने आगे कहा, उन्होंने पहले ही हर उस व्यक्ति को इस कार्य को संभालने की जिम्मेदारी सौंप दी थी, जो इसका हकदार था और इस कार्य के साथ अच्छे से न्याय कर सके। वह अपनी जिंदगी एक ऐसी जगह बिताना चाहते थे, जहां सामाजिक कार्य के लिए उनकी जरूरत हो। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि जो भी काम अधूरा है, वह पूरा हो। उनका सपना और मेरा सपना एक साथ लोगों के लिए काम करना है।

बता दें कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से अभिनेता नाना पाटेकर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

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