

Missing Link Bridge Selfie Point: 1 मई को उद्घाटन के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का यह अत्याधुनिक केबल स्टेयड ब्रिज (Cable-Stayed Bridge) रातों-रात एक टूरिस्ट अट्रैक्शन बन गया है। लोग अपनी मंजिल तक पहुँचने की जल्दी भूलकर, इस ब्रिज के शानदार नज़ारों को अपने कैमरों में कैद करने के लिए गाड़ियां बीच सड़क पर रोक रहे हैं।
यह ब्रिज हल्के वाहनों के लिए 100 किमी/घंटा और बसों के लिए 80 किमी/घंटा की रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया गया है। ऐसे में जब कोई अचानक फोटो के लिए गाड़ी रोकता है, तो पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है। नियमित यात्रीयों ने चेतावनी देते हुए कहा, 100 की स्पीड वाले रास्ते पर अचानक गाड़ी रोकना रियर-एंड कोलिजन (पीछे से टक्कर) को दावत देना है व ने एक्सप्रेसवे के शुरुआती दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि पहले भी ऐसी लापरवाही के कारण कई हादसे और मौतें हो चुकी हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोग इस व्यवहार को लेकर बंटे हुए हैं, कुछ ने इसे आपदा को बुलावा बताया। तो कुछ ने सवाल उठाया कि भारत में लेन अनुशासन का पालन करना इतना मुश्किल क्यों है और लोग मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी लेन का इस्तेमाल फोटो खिंचवाने के लिए क्यों कर रहे हैं। वहीं कुछ का मानना है कि यह शुरुआती उत्साह है जो कुछ दिनों में शांत हो जाएगा, जैसे अटल सेतु के मामले में हुआ था।
महाराष्ट्र पुलिस ने उद्घाटन से पहले ही गति सीमा तय कर दी थी, रायगढ़ हाईवे ट्रैफिक के एसपी तानाजी चिखले ने बताया कि लोग उत्सुकता में गाड़ियां रोक रहे हैं। पुलिस फिलहाल लोगों को हटा तो रही है, लेकिन जुर्माना नहीं लगा पा रही क्योंकि MSRDC ने अभी तक उस पैच पर प्रोहिबिटरी साइनबोर्ड नहीं लगाए हैं। हालांकि, मोटर वाहन अधिनियम की धारा 122 और 177 के तहत ऐसी हरकतें दंडनीय हैं।