

Pune Flood Evacuation Mayor Manjusha Nagpure: पुणे शहर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मुला और मुठा नदियां उफान पर हैं, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। एहतियात बरतते हुए पुणे मनपा (पीसीएम) ने सात क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले 492 परिवारों के करीब 1,560 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है। इन विस्थापित लोगों को मनपा के स्कूलों में ठहराया गया है, जहां प्रशासन द्वारा उनके भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान पुणे शहर के विभिन्न हिस्सों में 43 से 99 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते आपदा प्रबंधन विभाग को जलभराव, ड्रेनेज चोक होने, बेसमेंट में पानी घुसने और पेड़ गिरने जैसी कुल 42 शिकायतें मिलीं। मनपा के क्षेत्रीय कार्यालयों और अग्निशमन विभाग की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वर्षा जल निकासी की जालियों पर जमा कचरा साफ किया और सड़कों से पानी हटाया।
पेड़ गिरने की 15 घटनाओं और दीवार ढहने के दो मामलों का भी तत्काल निपटारा किया गया। राहत की बात यह रही कि इन हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई। मनपा प्रशासन ने नागरिकों से नदी किनारे न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
मुठा नदी में बाढ़ का पानी रोकने के लिए सिंहगढ़ रोड स्थित एकतानगर में मनपा द्वारा बनाई जा रही सुरक्षा दीवार का काम बारिश शुरू होने के दो महीने बाद भी पूरा नहीं हो सका है। दीवार का केवल 70 फीसदी काम ही हो पाया है, जिसके कारण बुधवार सुबह एक बार फिर इलाके की कई सोसायटियों और निंबजनगर में पानी घुस गया।
बार-बार होने वाले इस जलभराव से स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। इस संबंध में मनपा के परियोजना विभाग प्रमुख दिनकर गोजारे ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा दीवार का बचा हुआ काम जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ों के उखड़ने की घटनाओं को देखते हुए स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन को पूरे
पुणे शहर में विशेष 'ट्री हेल्थ ऑडिट' चलाने और तत्काल एक 'ट्री सेफ्टी एक्शन प्लान' तैयार करने के निर्देश दिए हैं। भिमाले ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए प्रत्येक वृक्ष की स्थिति का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कर जरूरी सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।