मुंबई में भारी बारिश और वारी के चलते SIR मुहिम का शेड्यूल बदलें, वर्षा गायकवाड़ ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र

Mumbai SIR Campaign Schedule: मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर भारी बारिश और आषाढ़ी वारी के कारण मतदाता पुनरीक्षण (SIR) मुहिम का शेड्यूल बदलने की मांग की।
Mumbai Congress chief Varsha Gaikwad has urged the Chief Electoral Officer to reschedule the SIR voter drive due to heavy rains and the ongoing Pandharpur Wari.
सांसद वर्षा गायकवाड (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Mumbai SIR Campaign Schedule Update: मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम को पत्र लिखकर एसआईआर (SIR) अभियान के दूसरे चरण की समय-सारिणी में बदलाव की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में निर्धारित कार्यक्रम जारी रहने से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से छूट सकते हैं।

भारी बारिश और वारी का असर

वर्षा गायकवाड़ ने अपने पत्र में कहा कि मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश और पंढरपुर वारी के चलते लाखों लोग अपने घरों से बाहर हैं या यात्रा में व्यस्त हैं। ऐसे में मतदाता सत्यापन और संबंधित प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आग्रह किया कि इन परिस्थितियों को देखते हुए चुनाव आयोग दूसरे चरण के कार्यक्रम में तत्काल संशोधन करे।

मतदाता सूची से नाम छूटने की आशंका

कांग्रेस सांसद ने आशंका जताई कि यदि अभियान निर्धारित समय पर ही जारी रहा तो बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से छूट सकते हैं। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और व्यापक मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए सभी पात्र नागरिकों को पर्याप्त समय और अवसर मिलना आवश्यक है।

बीएलओ और शिक्षकों की ड्यूटी पर मांगा जवाब

पत्र में वर्षा गायकवाड़ ने चुनाव आयोग से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और शिक्षकों की ड्यूटी को लेकर भी विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर बीएलओ की अनुपस्थिति और ड्यूटी संबंधी शिकायतें सामने आई हैं, जिससे अभियान की प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है।

समय-सारिणी में संशोधन की अपील

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एसआईआर अभियान के दूसरे चरण की समय-सारिणी में बदलाव किया जाए। उनका कहना है कि इससे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने या सत्यापन कराने का अवसर मिलेगा और निर्वाचन प्रक्रिया अधिक समावेशी एवं पारदर्शी बन सकेगी।

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