रिश्वतखोरी के मामले में पुणे महावितरण का बड़ा अधिकारी गिरफ्तार; जानें कैसे ACB के जाल में फंसा अफसर?

Pune ACB Raid Hadapsar: पुणे में हडपसर महावितरण के अधिकारी 7,500 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार। नए बिजली मीटर कनेक्शन के बदले मांगी थी घूस; ACB ने रंगे हाथों दबोचा। पढ़ें पूरि खबर।
msedcl officer arrested for taking bribe in hadapsar acb action
सांकेतिक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

MSEDCL Officer Arrested For Taking Bribe: महाराष्ट्र के पुणे जिले के हडपसर इलाके से भ्रष्टाचार की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एसीबी की पुणे टीम ने महावितरण के हडपसर उप-विभाग-2 कार्यालय में तैनात एक अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

7,500 रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए

गिरफ्तार अधिकारी की पहचान 42 वर्षीय रामचंद्र नारायण लोंढे के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोंढे ने नए बिजली मीटर कनेक्शन की मंजूरी देने के बदले में रिश्वत की मांग की थी। गुरुवार दोपहर को एसीबी ने हडपसर स्थित महावितरण कार्यालय में जाल बिछाया और लोंढे को 7,500 रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए मौके पर ही दबोच लिया।

ऐसे होती थी प्रति मीटर 1,000 रुपये की मांग

इस मामले के शिकायतकर्ता एक इलेक्ट्रिकल सब-कॉन्ट्रैक्टर हैं जो महावितरण के विभिन्न कार्यों का ठेका लेते हैं। उन्होंने 12 नए बिजली मीटरों के कनेक्शन की मंजूरी और प्रक्रिया को पूरा करने के लिए लोंढे से संपर्क किया था। आरोप है कि लोंढे ने प्रति मीटर 1,000 रुपये के हिसाब से कुल 12,000 रुपये की घूस मांगी थी। इसके अलावा, शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि एक इमारत के बिजली कनेक्शन से संबंधित कार्य के लिए लोंढे ने 50,000 रुपये की भारी-भरकम राशि की मांग की थी।

एसीबी की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया

शिकायतकर्ता ने 2 जून को एसीबी में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। प्राथमिक जांच और सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि आरोपी अधिकारी लोंढे ने 12,000 रुपये की कुल मांग में से 4,500 रुपये पहले ही स्वीकार कर लिए थे। शेष 7,500 रुपये की मांग की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक अविनाश घरबुडे ने किया, जबकि आगे की जांच पुलिस निरीक्षक सुहास हट्टेकर कर रहे हैं। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत फुरसुंगी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बड़ी कार्रवाई से महावितरण विभाग और अन्य सरकारी कार्यालयों के गलियारों में हड़कंप मच गया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com