

Pune MPSC Protest Student Movement: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे और राज्य सरकार की घोषित 70 हजार पदों की मेगाभर्ती शुरू करने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने 26 सितंबर से आंदोलन का ऐलान किया है। विधायक रोहित पवार ने पुणे पुलिस आयुक्त को आंदोलन को लेकर निवेदन दिया है।
MPSC की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों का असंतोष एक बार फिर सामने आया है। अध्यक्ष के इस्तीफे और 70 हजार पदों की मेगाभर्ती शुरू करने की मांग को लेकर विद्यार्थी 26 सितंबर को पुणे में आंदोलन करने की तैयारी में हैं। विधायक रोहित पवार ने इस संबंध में पुणे पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है।
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के अध्यक्ष के इस्तीफे और राज्य सरकार की ओर से घोषित 70 हजार पदों की मेगाभर्ती तत्काल शुरू करने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने 26 सितंबर को आंदोलन करने का ऐलान किया है। विद्यार्थियों का कहना है कि भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर लगातार स्पष्टीकरण और कार्रवाई की जरूरत है।
आंदोलन के लिए गणेश विसर्जन के बाद पुणे के अलका टॉकीज चौक, अहिल्या अभ्यासिका अथवा एस.एम. जोशी पुल-गरवारे कॉलेज क्षेत्र में स्थान तय किए जाने की बात कही गई है। आंदोलन के स्थान और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई है।
विद्यार्थियों ने औषधि निरीक्षक परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक के मामले को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस घटना के बाद MPSC छात्रों की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों के बीच विश्वास का संकट पैदा हुआ है।
आयोग की ओर से इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही औषधि निरीक्षक भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
MPSC छात्रों ने इससे पहले 7 सितंबर को भी मोर्चा निकाला था। उस समय भी आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग प्रमुख रही थी। अब 26 सितंबर को दोबारा आंदोलन का ऐलान किए जाने से यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
विधायक रोहित पवार ने विद्यार्थियों के प्रस्तावित आंदोलन के संबंध में पुणे पुलिस आयुक्त को निवेदन दिया है। छात्रों की प्रमुख मांगों में MPSC अध्यक्ष का इस्तीफा और 70 हजार पदों की घोषित मेगाभर्ती को तत्काल शुरू करना शामिल है। अब 26 सितंबर के आंदोलन को लेकर प्रशासन की ओर से क्या व्यवस्था की जाती है, इस पर नजर रहेगी।