MPSC अध्यक्ष भीमनवर की छुट्टी! सोशल मीडिया पर दी जानकारी, 12 दिनों से जारी आंदोलन खत्म

MPSC Paper Leak News: पुणे में छात्रों के 12 दिनों के आंदोलन के बाद MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार जांच पूरी होने तक छुट्टी पर चले गए हैं। सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
MPSC Protest Pune
पुणे की सड़कों पर आंदोलन में विधायक रोहित पवार सोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार जांच पूरी होने तक छुट्टी पर रहेंगे।

  • पूर्व न्यायमूर्ति दिलीप भोसले की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित।

  • समिति को दो महीने में रिपोर्ट सौंपनी होगी।

  • आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों पर दर्ज मामले वापस लेने पर सहमति।

  • 2027 की ग्रुप-C परीक्षा में पदों की संख्या दोगुनी करने का फैसला।

  • सरकार के फैसलों के बाद विद्यार्थियों ने आंदोलन स्थगित कर दिया।

MPSC Protest Pune: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) परीक्षा में कथित पेपर लीक और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर बने संकट के बीच एक बड़ा फैसला सामने आया है।

पिछले 12 दिनों से पुणे की सड़कों पर आंदोलन कर रहे छात्रों के भारी दबाव के बीच राज्य सरकार द्वारा न्यायालयीन जांच की घोषणा किए जाने के तुरंत बाद, MPSC के अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने खुद जांच पूरी होने तक छुट्टी पर जाने का निर्णय लिया है।

इस निर्णय और सरकार द्वारा प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद विद्यार्थियों ने अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया है।

सोशल मीडिया पर दी फैसले की जानकारी

प्रशासनिक अधिकारी और MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'X' पर इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि राज्य सरकार द्वारा पेपर लीक मामले में न्यायिक जांच की घोषणा के बाद, उन्होंने अपने जीवन में हमेशा नैतिकता को प्राथमिकता दी है।

इसलिए जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे अपने पद पर कार्यरत न रहकर इस अवधि के दौरान छुट्टी पर रहेंगे। भीमनवार ने यह भी दोहराया कि आयोग की स्वायत्तता, विश्वसनीयता और विद्यार्थियों का हित हमेशा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहे हैं और आगे भी रहेंगे।

दिलीप भोसले की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति गठित

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य सरकार ने पूर्व न्यायमूर्ति दिलीप भोसले की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को इस समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है।

समिति में बी. डी. नाईक, गणेश पाटील और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लखमी गौतम भी शामिल हैं। जांच समिति को दो महीने की तय समय-सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

विद्यार्थियों की जीत और मानी गईं प्रमुख मांगे

पुणे में विधायक रोहित पवार और राज्य के मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले की उपस्थिति में सरकार और छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनी। सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है।

पेपर लीक की जांच किसी एक परीक्षा तक सीमित न रखकर सभी मामलों और आयोग के कर्मचारियों व अधिकारियों की भूमिका की होगी।

आंदोलन के दौरान परीक्षार्थियों पर दर्ज पुलिस मामले वापस लिए जाएंगे।

वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली गट-क (Group-C) परीक्षा में पदों की संख्या दोगुनी की जाएगी।

MPSC अध्यक्ष के छुट्टी पर जाने और मांगों की स्वीकृति का पत्र मिलते ही आंदोलन स्थल पर जश्न का माहौल छा गया। छात्रों ने नारेबाजी की और विधायक रोहित पवार को कंधों पर उठाकर अपनी जीत की खुशी मनाई।

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