

Pune Weather Update Red Alert : खुद को 'स्मार्ट सिटी' कहने वाले पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के मानसून पूर्व दावों की लगातार हो रही बारिश ने पूरी तरह पोल खोल कर रख दी है। शहर की चोक हो चुकी ड्रेनेज लाइनों और सड़कों पर उभरे अनगिनत खड्डों के कारण शुक्रवार को दोनों शहरों के लोगों को भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा।
मनपा और यातायात पुलिस के बीच तालमेल की कमी और खराब योजना के चलते ऐन भीड़भाड़ के समय शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया। इस बीच मौसम विभाग ने रविवार तक के लिए पुणे में रेड अलर्ट घोषित किया है। मतलब आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश होगी और फिर पुणे मनपा की असली परीक्षा होगी।
शुक्रवार को मध्य पुणे को उपनगरों से जोड़ने वाली लगभग सभी प्रमुख सड़कों पर पहिए थम गए। शहर के छत्रपति शिवाजी महाराज रोड, बाजीराव रोड, शनिपार, कांग्रेस भवन से घोले रोड, फर्ग्युसन रोड, सेनापति बापट रोड और लक्ष्मी रोड के नगरकर तालीम चौक पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई थी।
इसके साथ ही, संकष्टी चतुर्थी के मौके पर शिवाजी महाराज रोड का ट्रैफिक डायवर्ट किया गया था और मेट्रो के काम के चलते भिडे पुल भी बंद था, जिससे पेठ इलाकों में गाड़ियों का दबाव बेहद बढ़ गया। इसके अलावा, मंगलवार पेठ, पुणे स्टेशन के पास डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर भवन, कलेक्ट्रेट और कैट क्षेत्र के ईस्ट स्ट्रीट इलाके में भी यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
भोर तालुका में पिछले दो दिनों से जारी लगातार बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गुरुवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण जहां एक ओर जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे वरंधा घाट में भूस्खलन होने से महाड-भोर मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
घाट के वारखंड और शिरगांव इलाके की सीमा में चट्टाने और मिट्टी खिसककर सड़क पर आ गिरी है, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारे लग गई हैं। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मार्ग बंद होने से यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।