

Pune MLC Election Ajit Pawar NCP: पुणे स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद की रिक्त सीट को लेकर राजनीतिक माहौल बेहद गरमा गया है। इस सीट पर मुख्य मुकाबला अजीत पवार के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी गुट और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच माना जा रहा है। दोनों दलों के बीच मतों का अंतर मात्र 39 वोटों का है, जिससे चुनावी मुकाबला बेहद रोचक और कांटे की टक्कर वाला बन गया है।
सभी राजनीतिक दलों ने अब निर्दलीय और छोटे दलों के मतदाताओं को साधने की रणनीति तेज कर दी है। इस चुनाव में सबसे अहम भूमिका निर्दलीय और छोटे दल निभा सकते हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 810 मतदाता मतदान करेंगे, जिनमें महानगर पालिका, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सभापति शामिल हैं।
अजीत पवार गुट के पास इनमें 344 मतदाता हैं, जबकि भाजपा के पास 305 मतदाता हैं। इस तरह दोनों के बीच मामूली अंतर ने पूरे चुनावी समीकरण को उलझा दिया है। ग्रामीण और शहरी वोट बैंक का बंटवारा इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता बनकर उभरा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अजित पवार गुट की पकड़ मजबूत मानी जा रही है, जहां पुणे जिला परिषद के 73 में से 51 सदस्य उनके समर्थन में हैं। वहीं पंचायत समितियों में भी उनका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। दूसरी ओर, शहरी इलाकों में भाजपा का दबदबा कायम है।
पुणे महानगर पालिका और पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका में भाजपा के मजबूत जनप्रतिनिधि आधार ने उसकी स्थिति को सुदृढ़ किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निर्दलीय (23) और छोटे दलों (23) के पास मौजूद 46 वोट इस चुनाव में किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं। ये वोट किसी एक तरफ जाने पर परिणाम पूरी तरह बदल सकते हैं। महायुति में सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में मुकाबला और अधिक जटिल हो सकता है, जिससे चुनावी समीकरण अंतिम समय तक अनिश्चित बने रहेंगे।