पुणे MHADA लॉटरी: आवेदकों को बड़ी राहत, अब पिछले 2 वित्तीय वर्षों में से किसी एक का आय प्रमाणपत्र होगा मान्य

Pune MHADA Housing: पुणे म्हाडा लॉटरी के आवेदकों को आय प्रमाणपत्र में राहत दी गई है। अब पिछले दो वित्तीय वर्षों 2024-25 या 2025-26 में से किसी एक वर्ष का आय प्रमाण स्वीकार किया जाएगा।
Major relief for Pune MHADA lottery applicants
पुणे MHADAसोर्स- सोशल मीडिया
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Pune MHADA Lottery Income Certificate: पुणे गृह निर्माण व क्षेत्र विकास मंडल की 15 प्रतिशत सामाजिक और 20 प्रतिशत समावेशी आवास योजनाओं के लिए आवेदन करने वालों को आय प्रमाणपत्र के मामले में बड़ी राहत दी गई है। अब आवेदकों के पिछले दो वित्तीय वर्षों में से किसी एक वर्ष की आय को मान्य किया जाएगा। इससे आय प्रमाणपत्र की जांच में हो रही देरी के कारण आवेदन प्रक्रिया में आ रही दिक्कतें कम होने की उम्मीद है।

2024-25 या 2025-26 की आय मान्य

पुणे गृह निर्माण व क्षेत्र विकास मंडल के अनुसार, 24 अगस्त 2026 से इन आवास योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन करते समय आय के प्रमाण के तौर पर तहसीलदार कार्यालय से जारी आय प्रमाणपत्र या आयकर रिटर्न ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य है। अब आवेदक वित्त वर्ष 2024-25 या 2025-26 में से किसी एक वर्ष की आय का प्रमाण प्रस्तुत कर सकेंगे। यानी दोनों वित्तीय वर्षों की आय का प्रमाण देना अनिवार्य नहीं होगा।

आयकर रिटर्न की जांच में हो रही थी देरी

दरअसल, वित्त वर्ष 2025-26 का आयकर रिटर्न दाखिल करने के बावजूद उससे संबंधित प्रमाणपत्र की जांच में देरी हो रही थी। इसके चलते कई आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

आवेदकों की इस समस्या को देखते हुए पुणे गृह निर्माण व क्षेत्र विकास मंडल ने नियम में बदलाव का निर्णय लिया है। अब वित्त वर्ष 2024-25 या 2025-26 में से किसी भी एक वर्ष की आय को आवेदन के लिए स्वीकार किया जाएगा।

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आवेदकों से नियम ध्यान रखने की अपील

पुणे गृह निर्माण व क्षेत्र विकास मंडल के सभापति शिवाजी आढळराव पाटील ने आवेदकों से संशोधित नियम का ध्यान रखने की अपील की है। आवेदन करते समय आय प्रमाण से संबंधित दस्तावेज सही तरीके से ऑनलाइन जमा करना जरूरी होगा।

इस बदलाव से विशेष रूप से उन आवेदकों को राहत मिलने की संभावना है, जिनका वित्त वर्ष 2025-26 का आयकर रिटर्न दाखिल होने के बावजूद प्रमाणपत्र की जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। नए नियम के तहत वे वित्त वर्ष 2024-25 की आय का प्रमाण भी प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

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