

Manchar Milk Adulteration Case: आंबेगांव तहसील में सामने आए चर्चित दूध मिलावट प्रकरण को गंभीर बताते हुए रमेशभाऊ येवले प्रतिष्ठान के संस्थापक अध्यक्ष रमेश येवले ने कहा कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष भी उठाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
पत्रकारों से बातचीत में रमेश येवले ने पुलिस प्रशासन से मामले में फरार 13 आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिस प्रशासन के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
लांडेवाडी स्थित प्रतिष्ठान के संपर्क कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) इस मामले की गहन जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उनके अनुसार, दूध मिलावट का यह मामला व्यापक स्तर पर फैला हुआ है और इसके पीछे सक्रिय मुख्य सूत्रधार की पहचान भी जल्द सामने आ सकती है।
रमेश येवले ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अगले चार से पांच दिनों के भीतर फरार सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा और आगे की कानूनी एवं लोकतांत्रिक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मंचर में किया गया आंदोलन किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और हितों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। पत्रकार वार्ता में पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अरुण गिरे, उद्योगपति नित्यानंद येवले, नीलेश वलसे पाटील, संजय गावडे, किरण ढोबले और अमित काले सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।