

IMD Maharashtra News: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के मध्य क्षेत्रों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। 30 मार्च 2026 को जारी इस बुलेटिन के अनुसार, अगले 48 घंटों के भीतर मध्य महाराष्ट्र के कई जिलों में गरज के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल संभावना है। अचानक बदलते इस मौसम ने प्रशासन और किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि मार्च के अंत में होने वाली यह बेमौसम बारिश फसलों को भारी नुकसान पहुँचा सकती है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए एहतियात बरतें।
IMD की रिपोर्ट के अनुसार, अरब सागर से आने वाली नमी और कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण यह मौसमी बदलाव आया है। मध्य महाराष्ट्र के साथ-साथ मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। पुणे, नासिक, अहमदनगर और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जैसे जिलों में ओलावृष्टि का सबसे अधिक प्रभाव देखा जा सकता है। इस बेमौसम बदलाव के कारण पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
यह समय रबी की फसलों की कटाई और आम की पैदावार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ओलावृष्टि के कारण अंगूर, आम और अनाज की फसलों को गंभीर क्षति पहुँचने का डर है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि यदि फसल कट चुकी है, तो उसे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढंकने और मवेशियों को सुरक्षित छप्पर के नीचे रखने के निर्देश दिए गए हैं। 'येलो अलर्ट' जारी करते हुए प्रशासन ने बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की चेतावनी दी है।
अचानक होने वाली तेज बारिश के कारण मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों के निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने के लिए कहा है, क्योंकि तेज हवाओं और ओलों के कारण दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है और सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है। बिजली विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि ओलावृष्टि से तारों के टूटने या शॉर्ट सर्किट की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। आने वाले तीन दिनों तक पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालने की सलाह दी गई है।