सावधान! अगले 48 घंटों में 17 राज्यों में कुदरत का कहर, 80 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD Alert जारी

Weather Update: मौसम विभाग ने दिल्ली-यूपी समेत 17 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और बर्फबारी तापमान में बड़ी गिरावट ला सकती हैं।
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प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- AI
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IMD Weather Alert: गर्मी की शुरुआती आहट के बीच देश के मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। अगर आप आज घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो जरा संभल जाइए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के एक बड़े हिस्से के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।

आसमान में उमड़ते काले बादल और सर्द हवाएं केवल चिलचिलाती धूप से राहत का संकेत नहीं हैं, बल्कि यह एक ऐसे बड़े मौसमी बदलाव की शुरुआत है जो अगले कुछ दिनों तक आपके सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।

दिल्ली से यूपी तक आसमान में मचेगी भारी हलचल

राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के इलाकों में आज मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ नजर आने वाला है। दिल्ली में सुबह से ही बादलों की आवाजाही जारी है और दोपहर या शाम तक हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जिसका अर्थ है कि अचानक मौसम बिगड़ सकता है और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश के जिलों में भी 30 और 31 मार्च को बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। यहां हवा की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो अचानक धूल भरी आंधी का रूप ले सकती है। एक आम नागरिक के लिए इसका मतलब यह है कि दफ्तर से लौटते समय या बाहर काम करते समय अचानक तेज हवाओं का सामना करना पड़ सकता है।

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में ओले गिरने की चेतावनी

एक तरफ उत्तर भारत के मैदान तप रहे हैं, तो दूसरी तरफ हिमालय की चोटियों पर कुदरत का अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी ने पूरे परिदृश्य को सफेद चादर से ढक दिया है। उत्तराखंड और हिमाचल के कई हिस्सों में न केवल बारिश बल्कि ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। यह स्थिति बागवानी और पहाड़ी रास्तों पर यातायात को प्रभावित कर सकती है। पर्यटकों के लिए यह नजारा खूबसूरत हो सकता है, लेकिन स्थानीय किसानों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण है। पंजाब और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी ओले गिरने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में अचानक गिरावट महसूस होगी।

बिहार और दक्षिण भारत में भी दिखेगा तूफानी असर

मौसम की यह तब्दीली केवल उत्तर भारत तक ही सीमित नहीं है। बिहार में 1 अप्रैल तक मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है, जहां 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ होने वाली बारिश लोगों को गर्मी से राहत तो देगी, लेकिन आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

वहीं, दक्षिण भारत के राज्यों में भी अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रहने वाली हैं। यहां हवाओं की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रह सकती है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है, जो फसलों और कच्चे मकानों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है।

नए पश्चिमी विक्षोभ से अप्रैल की शुरुआत होगी भीगी

वर्तमान में हो रही यह बारिश तो महज एक शुरुआत है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि उत्तर-पश्चिम भारत में एक बार फिर मौसम बिगड़ेगा और अप्रैल की शुरुआती तारीखें भी भीगी हुई हो सकती हैं।

30 और 31 मार्च के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, पूर्वी भारत के राज्यों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने की उम्मीद है। मौसम का यह उतार-चढ़ाव वायरल बीमारियों के खतरे को भी बढ़ा देता है, इसलिए विशेषज्ञों ने लोगों को खान-पान और पहनावे में एहतियात बरतने की सलाह दी है।

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