महाराष्ट्र में H1N1 इन्फ्लुएंजा का बढ़ा प्रकोप, 1,109 मामले दर्ज; पुणे और मुंबई में 65% केस

Maharashtra H1N1 Surge: महाराष्ट्र में 21 अगस्त 2026 तक H1N1 के 1,109 मामले दर्ज हुए, जिनमें 65% पुणे और मुंबई से हैं। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों व गंभीर मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
H1N1 influenza outbreak intensifies in Maharashtra; 1,109 cases recorded, with 65% in Pune and Mumbai
पुणे मुंबई इन्फ्लुएंजा मामले सोर्स- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Pune Mumbai Influenza Cases: मानसून के बीच पुणे में इन्फ्लुएंजा ए (एच1एन1) के मामलों में बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र में वर्ष 2025 के दौरान पूरे साल 942 एच1एन1 मामले दर्ज किए गए थे, लेकिन इस साल 21 अगस्त 2026 तक राज्य में 1,109 मामले सामने आ चुके हैं।

इनमें पुणे और मुंबई की हिस्सेदारी करीब 65 प्रतिशत है। पुणे महानगर पालिका क्षेत्र में अब तक 241 मामले, जबकि मुंबई में 488 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि अधिकांश मरीजों में बीमारी गंभीर नहीं है, डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

पुणे में बढ़ी मरीजों की संख्या

राज्य के महामारी विशेषज्ञ डॉ. राजू सुले ने बताया कि मानसून के दौरान इन्फ्लुएंजा के मामलों में वृद्धि सामान्य है, लेकिन इस वर्ष यह बढ़ोतरी पिछले साल की तुलना में कुछ अधिक है।

पुणे और मुंबई में मामलों की अधिक संख्या के पीछे बेहतर जांच व्यवस्था और बड़ी आबादी जैसे कारण हो सकते हैं। पुणे में इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों का असर अस्पतालों की ओपीडी में भी दिखाई दे रहा है। कुछ अस्पतालों में ओपीडी में आने वाले करीब 50 प्रतिशत मरीज इन्फ्लुएंजा से संबंधित हैं। इनमें अधिकांश मरीज इन्फ्लुएंजा ए वायरस से संक्रमित हैं।

तेज बुखार और शरीर में दर्द प्रमुख लक्षण

बिबवेवाडी स्थित सह्याद्रि अस्पताल में कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन डॉ. शिशिर जोशी के अनुसार, संक्रमित मरीजों में तेज बुखार, शरीर में तेज दर्द, सूखी खांसी, नाक बहना और गले में खराश जैसे लक्षण प्रमुख रूप से देखे जा रहे हैं। अधिकांश मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही और वे ओपीडी स्तर पर ही ठीक हो रहे हैं।

हालांकि बुजुर्गों और डायबिटीज, हृदय रोग जैसी सह-रुग्णता वाले मरीजों में संक्रमण गंभीर होकर निमोनिया का कारण बन सकता है। ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ सकती है।

H1N1 influenza outbreak intensifies in Maharashtra; 1,109 cases recorded, with 65% in Pune and Mumbai
पुणे में जर्जर सड़कों और गड्डों पर आप का हमला, बिना टेंडर 16 करोड़ बांटने और 20% कमीशन का गंभीर आरोप

सावधानी बरतना जरूरी

इन्फ्लुएंजा श्वसन बूंदों और संक्रमित हाथों के माध्यम से आसानी से फैल सकता है। ऐसे में डॉक्टरों ने बीमार लोगों को घर पर रहने, खांसते और छींकते समय मुंह ढंकने, नियमित रूप से हाथ धोने और अन्य लोगों के साथ नजदीकी संपर्क से बचने की सलाह दी है।

तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सलाह लेने की अपील की गई है। विशेष रूप से बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों में लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई है।

H1N1 influenza outbreak intensifies in Maharashtra; 1,109 cases recorded, with 65% in Pune and Mumbai
पुणे में DRI की बड़ी कार्रवाई, रेलवे स्टेशन से 3.41 करोड़ के नशीले पदार्थों के साथ दिल्ली की महिला गिरफ्तार

नए स्ट्रेन की पुष्टि नहीं, घबराने की जरूरत नहीं

कई राज्यों में इन्फ्लुएंजा के मामले बढ़ने के बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में इन्फ्लुएंजा (एचाएन।) पीडीएम 09 वायरस ही सर्कुलेशन में है। यह वायरस वर्ष 2025 से ही देश में मौजूद है और किसी नए स्ट्रेन की पहचान नहीं हुई है। इससे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, बशर्ते नागरिक शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें, मानसून में श्वसन संक्रमण बढ़ जाते हैं, इसलिए पुणे शहर में मामलों पर कड़ी निगरानी जरूरी है।

इन्फ्लुएंजा निमोनिया और सेप्सिस का कारण

इन्फ्लुएंजा की मौजूदा स्थिति में बच्चों को भी संवेदनशील वर्ग माना जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों में इन्फ्लुएंजा के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक गंभीर मामलों में इन्फ्लुएंजा निमोनिया और सेप्सिस जैसी जटिलताओं का कारण बन सकता है। साथ ही पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं को भी यह संक्रमण गंभीर बना सकता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com