

HSC SSC digital services: दसवीं-बारहवीं के सर्टिफिकेट छात्रों को आगे की पढ़ाई, नौकरी और अन्य कामों के लिए जरूरी होते हैं। लेकिन अगर ये सर्टिफिकेट गुम हो जाएं या उनमें कोई सुधार करना हो, तो पहले छात्रों को विभागीय बोर्ड के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे काफी परेशानी होती थी।
यह प्रक्रिया छात्रों को बेहद जटिल लगती थी। अब इसमें बड़ा बदलाव किया गया है। महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ। दीपक माली ने स्पष्ट किया है कि अब ये सभी सर्टिफिकेट ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे।
बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.mahahsscboard.in पर अब ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी गई है, जिसके जरिए छात्र डुप्लिकेट मार्कशीट/सर्टिफिकेट, प्रोविजनल (अस्थायी) सर्टिफिकेट, माइग्रेशन (स्थलांतर) सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे।
बड़ी राहत की बात यह है कि इन सभी सर्टिफिकेट्स के लिए पहले लगने वाले सभी तरह के शुल्क पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं। अब किसी भी सर्टिफिकेट (चाहे डुप्लिकेट मार्कशीट हो, प्रोविजनल हो या माइग्रेशन) के लिए केवल 500 रुपये प्रति प्रमाणपत्र शुल्क लिया जाएगा। आवेदन के लिए कोई अलग से शुल्क नहीं देना होगा।
माध्यमिक शाला, कनिष्ठ महाविद्यालय तथा विद्यार्थियों को अब आधार कार्ड ओटीपी-अधारित प्रणाली के माध्यम से संबंधित प्रमाणपत्रों (द्वितीय गुणपत्रक, स्थलांतर प्रमाणपत्र आदि) के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा मिलेगी, विद्यार्थी का ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद विभागीय मंडल को संबंचित कार्यवाही मात्र तीन दिनों के अंदर पूरी करनी होगी।
वर्तमान में 1990 से ई-मार्कशीट प्रणाली में सभी विद्यार्थिथी का पूरा डेटा उपलब्ध है। इसलिए 1990 के बाद के द्वितीय गुणपत्रक प्रमाणपत्र की मांग आने पर उसकी सॉफ्ट कॉपी तुरंत आवेदक तथा संबंधित विभागीय मंडल को उपलब्ध हो जाएगी, यदि प्रमाणपत्र की मांग डाक द्वारा की गई है तो उसे स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जाएगा।