

PMC Mahalunge Maan Road Traffic Problem News: महालुंगे-मान क्षेत्र में ट्रैफिक जाम, खराब सड़कों, अपर्याप्त स्ट्रीटलाइट और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय निवासियों और पुणे महानगरपालिका (PMC) के बीच विवाद फिर बढ़ गया है। महालुंगे टाउनशिप रेजिडेंट्स एसोसिएशन (MTRA) का आरोप है कि इन समस्याओं पर बार-बार पत्राचार और बैठकों के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना सामने नहीं आई है।
MTRA के अनुसार, एसोसिएशन ने 9 जुलाई को पहली बार PMC को औपचारिक पत्र देकर महालुंगे-मान मार्ग, बाजीराव पाडले सर्कल, स्ट्रीटलाइट और सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी थी। इसके बाद 20 अगस्त को PMC सड़क विभाग के प्रमुख राजेश बांकर को आपत्ति पत्र दिया गया और 4 सितंबर को उनके साथ दोबारा बैठक की गई। निवासियों का कहना है कि इसके बावजूद काम शुरू करने की निश्चित समयसीमा जारी नहीं की गई है।
MTRA ने सड़क के रुके हुए रिसर्फेसिंग काम के विरोध में 22 अगस्त को प्रदर्शन किया था। एसोसिएशन के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान मौजूद तीन PMC अधिकारियों ने पुणे मिरर की टीम के सामने हाथ से लिखा एक प्रारंभिक ड्राफ्ट निवासियों को सौंपा और बाद में आधिकारिक टाइप किया हुआ पत्र देने का आश्वासन दिया था।
MTRA का कहना है कि प्रदर्शन के तीन सप्ताह से अधिक समय बाद भी वह आधिकारिक पत्र उन्हें नहीं मिला है। एसोसिएशन के सदस्यों के मुताबिक, पिछले करीब तीन महीनों से पत्रों, बैठकों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के जरिए मामले को उठाया जा रहा है, लेकिन अभी तक ठोस परिणाम नहीं मिला है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि पुणे महानगरपालिका की ओर से समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो वह आगे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से भी संपर्क करेगी।
VTP BelAir के चेयरमैन सचिन गेंड ने कहा कि सड़क और यातायात की स्थिति का क्षेत्र के निवासियों की रोजमर्रा की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। उनके अनुसार, स्कूल के समय यातायात का दबाव, अपर्याप्त स्ट्रीटलाइट और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही प्रमुख समस्याएं हैं।
Godrej Hillside 1 के सचिव विजय महाजन ने कहा कि 22 अगस्त के प्रदर्शन के बाद अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिए जाने के बावजूद निवासी अभी तक औपचारिक पत्र और निश्चित समयसीमा का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवासी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से समस्या उठाते रहे हैं, लेकिन मामले को जिस तरह संभाला जा रहा है, उससे वे निराश हैं।
निवासी अमित कुटे ने PMC की ओर से कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि नागरिकों के साथ प्रस्ताव का सारांश, काम की समयसीमा और एक्शन प्लान साझा क्यों नहीं किया गया।
कुटे ने क्षेत्र में हुए दो घातक सड़क हादसों का भी उल्लेख किया, जिनमें 11 वर्षीय और 24 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई थी। उनके अनुसार, सड़क पर किए गए अस्थायी पैचवर्क से कुछ हिस्सों में सतह असमान हो गई है, जिससे सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भविष्य में कोई और हादसा होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी।
इन हादसों और सड़क की स्थिति को लेकर निवासियों की चिंताओं पर अंतिम जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित घटनाओं और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की अलग जांच आवश्यक होगी।
PMC सड़क विभाग के प्रमुख राजेश बांकर ने 4 सितंबर की बैठक में MTRA को बताया कि PMC की टीम ने सड़क का निरीक्षण किया है। बांकर के अनुसार, सड़क के विकास के लिए करीब ₹40 करोड़ की प्रस्तावित परियोजना तैयार की गई है।
बांकर के मुताबिक, प्रस्तावित काम में स्टॉर्म-वॉटर ड्रेन और 24 मीटर की रीजनल प्लान (RP) रोड के प्रावधान शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने बताया कि कुछ हिस्सों में जमीन अधिग्रहण लंबित होने के कारण सड़क को प्रस्तावित पूरी चौड़ाई में विकसित करने में देरी हो सकती है।
इस तरह PMC की ओर से देरी के प्रमुख कारणों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को बताया गया है, जबकि निवासी प्रशासनिक कार्रवाई और स्पष्ट समयसीमा जारी करने की मांग कर रहे हैं।
MTRA ने PMC के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें 24 मीटर RP रोड या महालुंगे-मान टाउन प्लानिंग स्कीम के तहत प्रस्तावित 36 मीटर सड़क के साथ सुूस-महालुंगे-हिंजवड़ी रोड पर काम शुरू करना शामिल है।
एसोसिएशन ने प्रशासनिक, तकनीकी, जमीन अधिग्रहण और फंडिंग से जुड़ी मंजूरियों में तेजी लाने की मांग की है। इसके साथ ही काम शुरू होने की तारीख, चरणवार कार्ययोजना, पूरा होने की समयसीमा और फंडिंग के स्रोत की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है।
स्ट्रीटलाइट को लेकर MTRA ने अतिरिक्त पोल लगाने और प्रमुख जंक्शन, मोड़, स्कूल जोन, पैदल क्रॉसिंग तथा हादसा संभावित हिस्सों में अधिक क्षमता वाली लाइट लगाने की मांग की है।
सड़क का काम पूरा होने तक एसोसिएशन ने पीक आवर्स में 10 ट्रैफिक वार्डन तैनात करने की मांग की है। इनमें VTP Aethereus-बाजीराव पाडले सर्कल, Ecovilla, Godrej Hillside 2, स्कूल जोन और नदी पुल की ओर जाने वाले मार्ग जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं।
फिलहाल विवाद का मुख्य मुद्दा सड़क विकास की समयसीमा, भूमि अधिग्रहण और अंतरिम यातायात सुरक्षा उपायों को लेकर है। MTRA ने समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।