पुणे में ध्वनि प्रदूषण पर घमासान, लाउडस्पीकर विरोधी मंच ने पुलिस-MPCB पर उठाए सवाल

पुणे में ध्वनि प्रदूषण को लेकर लाउडस्पीकर विरोधी मंच ने पुलिस और MPCB पर सवाल उठाए। साइलेंस जोन में रोक की मांग की।
Members of the Anti-Loudspeaker Punekar Manch addressing a press conference against noise pollution in Pune
पत्रकार परिषद को संबोधित करते 'लाउडस्पीकर विरोधी पुणेकर मंच' के सदस्य(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Kothrud Silent Protest Rally Pune: शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और लाउडस्पीकर के कथित नियम उल्लंघन को लेकर लाउडस्पीकर विरोधी पुणेकर मंच ने पुलिस प्रशासन और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मंच ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और उच्च न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन कराने तथा साइलेंस जोन में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है। मंच के पदाधिकारियों ने पत्रकार परिषद में दावा किया कि पुणे शहर में 121 और पिंपरी-चिंचवड़ में 65 साइलेंस जोन हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल और न्यायालय परिसर शामिल हैं।

100 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर पर रोक का दावा

मंच के अनुसार, साइलेंस जोन के 100 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद कई स्थानों पर लाउडस्पीकर के लिए अनुमति दिए जाने का आरोप मंच ने लगाया है। पदाधिकारियों ने प्रशासन से ऐसी सभी अनुमतियों की तत्काल समीक्षा करने की मांग की। उनका कहना है कि नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण विभाग को नियमित निगरानी तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।

DJ के तेज शोर पर भी कार्रवाई की मांग

लाउडस्पीकर विरोधी मंच ने त्योहारों के दौरान तेज आवाज वाले डीजे के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। मंच का दावा है कि दही हांडी उत्सव के दौरान नागरिकों की शिकायतों के बावजूद कई स्थानों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। मंच ने दावा किया कि 30 से अधिक स्थानों पर 100 डेसिबल से अधिक ध्वनि दर्ज की गई थी। इसके बावजूद पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया। मंच ने ‘4 बेस और 4 टॉप’ डीजे प्रणाली के इस्तेमाल की अनुमति पर भी सवाल उठाए।

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आज कोथरुड से निकलेगा मौन एवं विरोध मोर्चा

ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ मंच की ओर से शनिवार शाम 5.30 बजे कोथरुड स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज पुतला से कार्वे रोड स्थित मृत्युंजयेश्वर मंदिर तक मौन एवं विरोध मोर्चा निकाला जाएगा। मंच के अनुसार, मोर्चे का उद्देश्य नागरिकों को कर्णकटु ध्वनि से राहत दिलाने और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग को प्रशासन तक पहुंचाना है।

मंच की प्रमुख मांगें

मंच ने साइलेंस जोन में लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध प्रभावी रूप से लागू करने, NGT और उच्च न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन कराने तथा तेज आवाज वाले डीजे पर कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई और नियमों का उल्लंघन होने पर आयोजकों तथा डीजे संचालकों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई है।

पत्रकार परिषद में मुकुंद किरदत, डॉ. राहुल सावंत, चिंतामणि कांगो, डॉ. सिमी आठवले, नीता केलकर और कीर्ति लिमये सहित मंच के सदस्य उपस्थित थे।

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