पुणे में 'लेक लाडकी' योजना के लाभार्थियों में 59% की भारी गिरावट, जागरूकता की कमी से टूटने लगा बेटियों का सपना

Lek Ladki Yojana Pune: पुणे जिले में 'लेक लाडकी' योजना के लाभार्थियों की संख्या में 59% की बड़ी गिरावट आई है। चालू वित्त वर्ष में अब तक केवल 2,362 बेटियों का ही पंजीकरण हो सका है।
Pune district sees a sharp 59 percent drop in Lek Ladki Yojana beneficiaries. Only 2,362 registrations have been recorded so far in the current fiscal year.
'लेक लाडकी' योजना (सोर्स - सोशल मिडिया)
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Pune Lek Ladki Yojana Women Child Development: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्यारी बेटी' यानी 'लेक लाडकी' योजना के लाभार्थियों की संख्या पुणे जिले में इस वर्ष लगभग आधी रह गई है। बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन देने, उनकी शिक्षा को आर्थिक आधार देने और भविष्य सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक केवल 2,362 लाभार्थियों का पंजीकरण हुआ है। पिछले वित्त वर्ष में यह संख्या 5,720 थी। यानी लाभार्थियों की संख्या में करीब 59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

1,400 लाभार्थियों को दी गई 70 लाख की सहायता

महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में जिले के 1,400 लाभार्थियों को 70 लाख रुपये की सहायता दी गई थी। इसके बाद 2024-25 में योजना को अच्छा प्रतिसाद मिला और लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 5,720 तक पहुंच गई। इस दौरान 2 करोड़ 86 लाख रुपये का फंड वितरित किया गया। हालांकि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक केवल 2,362 लाभार्थियों को 1 करोड़ 18 लाख 10 हजार रुपये का लाभ मिला है।

पात्र परिवारों को मिलता है लाभ

यह योजना पीले या केसरी राशन कार्डधारक तथा एक लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए लागू है। महाराष्ट्र के मूल निवासी परिवारों में 1 अप्रैल 2023 के बाद जन्मी एक या दो बेटियों को इसका लाभ मिलता है। यदि परिवार में एक बेटा और एक बेटी है, तो बेटी को भी योजना का लाभ दिया जाता है। योजना के तहत जन्म पर 5 हजार, पहली कक्षा में प्रवेश पर 6 हजार, 7वीं में 7 हजार, 11वीं में 8 हजार और 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 75 हजार रुपये दिए जाते हैं। इस तरह कुल 1 लाख 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है।

जागरूकता बढ़ाने पर विभाग दे रहा जोर

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह योजना बड़ा सहारा है। हालांकि जागरूकता की कमी, आवेदन प्रक्रिया की जटिलता और पात्र परिवारों तक पर्याप्त पहुंच न बन पाना लाभार्थियों की संख्या घटने के प्रमुख कारण हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला व बाल विकास विभाग आनंद खंडागले ने बताया की योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से 66 क्षेत्र के लिंगानुपात में सुधार करने में मदद मिली है। अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए विभाग व्यापक जनजागरूकता अभियान चला रहा है।

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