'दामाद नहीं, बेटा था केतन...', सिया के पिता का बड़ा बयान, चेतन संग बेटी के रिश्ते से किया इनकार

Ketan Agrawal Murder Case: पुलिस ने आरोपी सिया गोयल के माता-पिता से 11.5 घंटे तक पूछताछ की। पिता प्रवीण गोयल ने बताया कि वे केतन को बेटे जैसा मानते थे और उन्हें बेटी के अफेयर की भनक तक नहीं थी।
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सिया गोयल, केतन अग्रवाल और पिता प्रवीण गोयल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Siya Goyal Parents Interrogation: केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच कर रही लोणावला ग्रामीण पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल के माता-पिता से लगातार साढ़े ग्यारह घंटे तक सघन पूछताछ की। सुबह सवा ग्यारह बजे शुरू हुई इस पूछताछ में सिया के माता-पिता द्वारा दिए गए जवाबों ने इस मामले को और भी पेचीदा बना दिया है।

पूछताछ के दौरान सिया के पिता, प्रवीण गोयल, काफी भावुक नजर आए। उन्होंने पुलिस को बताया कि केतन उनके लिए केवल होने वाला दामाद नहीं था, बल्कि वे उसे अपने बेटे जैसा मानते थे। उन्होंने कहा कि इस घटना पर उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा है और केतन के साथ पूरे परिवार ने कई भविष्य के सपने देखे थे। पूरा परिवार उदयपुर में होने वाली शादी की तैयारियों में पूरी तरह जुटा हुआ था।

शादी के लिए थी पूरी सहमति

प्रवीण गोयल ने पुलिस को विस्तार से बताया कि सिया और केतन का रिश्ता उसकी पूर्ण सहमति से तय हुआ था। मित्तल परिवार के माध्यम से आए इस रिश्ते के लिए सबसे पहले सिया को केतन की तस्वीर दिखाई गई थी और उसकी मंजूरी मिलने के बाद ही बातचीत आगे बढ़ी थी। सगाई के बाद दोनों अक्सर मिलते थे, साथ घूमने जाते थे और केतन उनके घर भी आता था। इस दौरान सिया ने कभी भी केतन के स्वभाव या इस रिश्ते को लेकर कोई शिकायत या नाराजगी जाहिर नहीं की थी।

प्रेम संबंधों से अनभिज्ञता

हैरानी की बात यह है कि सिया के माता-पिता ने चेतन चौधरी के साथ उसके संबंधों के बारे में किसी भी जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि सिया और चेतन नियमित रूप से मिलते थे। पुलिस के अनुसार, भले ही सिया का भाई साहिल, चेतन का दोस्त था, लेकिन माता-पिता को केवल इतनी जानकारी थी कि वे क्रिकेट के मैदान पर मिलते हैं।

दबाव के आरोपों को नकारा

पिता प्रवीण गोयल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सिया पर शादी के लिए कोई दबाव नहीं डाला था। उन्होंने कहा, सिया हमारी लाडली बेटी है, हमने उसके साथ कभी जबरदस्ती नहीं की। उन्हें आज भी यह विश्वास नहीं हो रहा कि उनकी बेटी किसी की हत्या की साजिश का हिस्सा हो सकती है।

घटना का क्रम

पुलिस जांच के अनुसार, 14 जून को बाली जाने का प्लान विफल होने के बाद, सिया 18 जून को केतन को लोहगढ़ किले पर ले गई। वहां पूर्व निर्धारित योजना के मुताबिक चेतन चौधरी पहले से मौजूद था। जब केतन आगे चल रहा था, तब चेतन ने पीछे से आकर सिया के साथ मिलकर उसे गहरी खाई में धकेल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। फिलहाल, माता-पिता के इन बयानों के बाद पुलिस मामले के तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

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