पुणे के कात्रज में फटी मुख्य वाटर पाइपलाइन, सड़कों पर बहा लाखों लीटर पानी, बुधवार तक हो पाएगी पूरी मरम्मत

Pune Gokulnagar Chowk Leakage: पुणे के कात्रज में मुख्य पानी की पाइपलाइन फटने से भारी लीटर साफ पानी बर्बाद हो गया। सड़कों पर जलजमाव से लोग परेशान हैं व मनपा प्रशासन के खिलाफ लोगों में गुस्सा है।
Main water pipeline bursts in Pune's Katraj; lakhs of litres of water flood the streets; repairs to be completed by Wednesday.
पुणे कात्रज पानी पाइपलाइन फटी(सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Pune Katraj Water Pipeline Burst: पुणे के कात्रज-कोंढवा मेन रोड पर स्थित गोकुलनगर चौक में सरकारी अफसरों की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एसबीआई बैंक के सामने पुणे महानगर पालिका की 600 मिमी चौड़ी मेन पानी की सप्लाई करने वाली पाइपलाइन अचानक फट गई। इसके चलते लाखों लीटर पीने का साफ पानी सड़कों पर बहकर पूरी तरह बर्बाद हो गया।

सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात होने से यातायात प्रभावित

पाइपलाइन फटने के बाद पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते पूरे इलाके में जलजमाव हो गया। सड़क पर घुटनों तक पानी भरने से वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी के इस तेज सैलाब की वजह से काफी देर तक सड़क पर यातायात भी पूरी तरह बाधित रहा।

लापरवाही को लेकर प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा

एक तरफ जहां पुणे शहर के कई हिस्सों में पानी की भारी किल्लत है और लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस बड़ी बर्बादी से स्थानीय निवासियों में मनपा प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। नागरिकों का आरोप है कि गोकुलनगर सहित कई क्षेत्रों में पाइपलाइन लीकेज की शिकायतें और तस्वीरें अधिकारियों को बार-बार भेजने के बावजूद समय पर कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया।

अत्यधिक प्रेसर के कारण हुआ हादसा

मनपा के जलापूर्ति विभाग के उप अभियंता नितिन खुड़े ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पाइपलाइन अत्यधिक वॉटर प्रेशर के कारण फटी थी। जैसे ही घटना की सूचना मिली, संबंधित क्षेत्र की जलापूर्ति तुरंत रोक दी गई थी। हालांकि, पाइपलाइन ऊंचाई वाले हिस्से की ओर होने के कारण उसमें पहले से जमा पानी बाहर बहता रहा, जिससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।

बुधवार तक व्यवस्था सुचारू करने का आश्वासन

अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों को आश्वासन दिया है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। विभाग का लक्ष्य है कि बुधवार तक इसे पूरा कर जलापूर्ति व्यवस्था को दोबारा सुचारू कर दिया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते जाग जाता, तो पानी की इस भारी बर्बादी को आसानी से रोका जा सकता था।

Navbharat Live
navbharatlive.com