

Pune Pimpri Chinchwad Politics: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है। दिवंगत अजित पवार के नहीं होने से स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर बढ़ रही असहजता और असमंजस को दूर करने के लिए अब एनसीपी नेता जय पवार स्वयं सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका के वर्तमान और पूर्व नगरसेवकों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कर संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने का प्रयास शुरू कर दिया है।
इस बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब पुणे में राष्ट्रवादी कांग्रेस की कमान जय पवार के हाथों में सौंपी जाएगी। बैठक में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों तथा संगठनात्मक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न प्रभागों में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति, लंबित परियोजनाओं और नागरिकों की अपेक्षाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए जय पवार ने पूर्व जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया और आगामी रणनीति को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पिछले कुछ समय से पुणे में राष्ट्रवादी कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और पूर्व नगरसेवकों के बीच नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कई पदाधिकारियों का कहना है कि स्थानीय समस्याएं और संगठन से जुड़े मुद्दे किसके समक्ष रखे जाएं, इसे लेकर स्पष्टता नहीं है। यही कारण है कि कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में असहजता का माहौल बना हुआ है।
महाराष्ट्र में महायुति सरकार के तहत सत्ता में साझेदारी होने के बावजूद पुणे में भाजपा के साथ स्थानीय स्तर पर किस हद तक तालमेल रखा जाए और पार्टी के राजनीतिक अस्तित्व के लिए कितना संघर्ष किया जाए, इस पर भी स्पष्ट रणनीति सामने नहीं आने की चर्चा राजनीतिक हलकों में होती रही है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा रही है कि सांसद पार्थ पवार समय-समय पर पुणे की राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। लेकिन उनकी कुछ राजनीतिक भूमिकाओं को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय देखने को मिली। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही कि कुछ मुद्दों पर पहले भाजपा के निर्णयों का विरोध किया गया और बाद में वरिष्ठ नेतृत्व के निर्देशों के बाद उसी निर्णय का समर्थन करना पड़ा। इससे कार्यकर्ताओं में भ्रम और नाराजगी का माहौल बनने की बातें सामने आती रही है।
स्थानीय पदाधिकारी लगातार यह मांग कर रहे थे कि पार्टी नेतृत्व की ओर से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार या सांसद पार्थ पवार पूर्व नगरसेवक और पदाधिकारियों की बैठक लेकर संगठन को स्पष्ट दिशा दे। इसी बीच, जय पवार द्वारा आयोजित यह बैठक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक के बाद अब पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में राष्ट्रवादी कांग्रेस के संगठनात्मक नेतृत्व को लेकर नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।