पुणे को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत: इनर रिंग रोड-टनल नेटवर्क परियोजना को CM फडणवीस की मंजूरी

Pune Inner Ring Road Project: पुणे में ट्रैफिक समस्या दूर करने के लिए इनर रिंग रोड, HCMTR और टनल नेटवर्क परियोजनाओं को मिली मंजूरी। CM देवेंद्र फडणवीस ने 2028 का लक्ष्य तय किया।
CM Devendra Fadnavis fast-tracks Pune's ₹25,000 crore Inner Ring Road and HCMTR project to ease traffic congestion, setting a target completion for 2028.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बैठक (सोर्स- x)
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Pune Inner Ring Road Project Devendra Fadnavis Review: पुणे में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम से जूझ रहे पुणे महानगर को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने शहर की यातायात व्यवस्था को भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए उच्च क्षमता जन परिवहन मार्ग, इनर रिंग रोड और सुरंग नेटवर्क जैसी तीन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक सरकारी भूमि का अग्रिम हस्तांतरण, निजी भूमि अधिग्रहण में तेजी और सभी प्रशासनिक मंजूरियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथि गृह में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इन परियोजनाओं की योजना, वित्तीय प्रबंधन, क्रियान्वयन और निगरानी की समीक्षा की गई।

83.12 किलोमीटर लंबे इनर रिंग रोड की समीक्षा

बैठक में 83.12 किलोमीटर लंबे इनर रिंग रोड की भी समीक्षा की गई। यह परियोजना 44 गांवों को जोड़ते हुए पांच चरणों में विकसित होगी। पहले चरण में सोलू इंटरचेंज से वडगांव शिंदे और लोहगांव से वाघोली तक सड़क बनाई जाएगी। इसके बाद अन्य चरणों में रिंग रोड का विस्तार किया जाएगा। करीब 25 हजार 159.88 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना के लिए अगले छह से सात महीनों में सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर भूमि अधिग्रहण तेज करने के निर्देश दिए गए।

उसी तरह नगररचना योजनाओं की भी समीक्षा की गई। महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और महानगरपालिका क्षेत्र की 15 नगररचना योजनाओं को निरस्त करने संबंधी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी, प्रदूषण घटेगा और पुणे के नियोजित शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।

भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे 3 हजार करोड़

इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, पुणे जिला कलेक्टर जितेंद्र डुडी, पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम, पिंपरी-चिंचवड मनपा आयुक्त विजय सूर्यवंशी, पीएमआरडीए आयुक्त अभिजीत चौधरी, पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्त विनयकुमार चौबे तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

यह परियोजना 43.60 किलोमीटर लंबी होगी। शहर की विभिन्न मेट्रो लाइनों को आपस में जोड़ेगी, सड़क यातायात का दबाव 25 से 30 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है। निर्माण पर लगभग 9 हजार करोड़ रुपये और भूमि वर्ष 2028 तक परियोजना पूरी करना है। 83।12 किलोमीटर लंबी इनर रिंग रोड परियोजना पांच चरणों में विकसित होगी।

मेट्रो लाइनों को आपस में जोड़ा जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च क्षमता जन परिवहन मार्ग परियोजना पुणे के परिवहन तंत्र में बदलाव लाएगी। इस परियोजना से शहर की विभिन्न मेट्रो लाइनों को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन अधिक प्रभावी बनेगा और सड़क यातायात का दबाव 25 से 30 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है।

परियोजना पर निर्माण के लिए लगभग 9 हजार करोड़ रुपये तथा भूमि अधिग्रहण पर करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2028 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य तय करते हुए वित्तीय प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाताया की उच्च क्षमता जन परिवहन मार्ग, इनर रिंग रोड और सुरंग परियोजनाएं पुणे के भविष्य की आधारभूत संरचना है। सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें और निर्धारित समय सीमा में परियोजनाएं पूरी करें।

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