पुणे में बारिश का कहर: 10,271 लोगों का रेस्क्यू, 3 की मौत, कई सड़कें और पुल बंद

Pune Rain Havoc: पुणे जिले में मूसलाधार बारिश से भारी तबाही। 64 राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि के बाद 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया, सड़क और पुल जलमग्न।
Heavy rains cause widespread destruction in Pune district. Over 10,271 people evacuated to relief camps, 3 dead, and multiple roads closed due to floods
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pune Heavy Rain Updates: पुणे जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी है। मावल, मुलशी, खेड़, आंबेगांव और जुन्नर समेत कई तहसीलों में भारी नुकसान हुआ है। बाढ़, भूस्खलन और जलभराव के कारण कई सड़कें और पुल बंद हो गए हैं, जबकि कई गांवों का संपर्क भी टूट गया है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चला रहा है।

64 राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि

जिला प्रशासन के अनुसार, 8 जुलाई को हुई भारी बारिश के दौरान जिले के 158 राजस्व मंडलों में से 64 मंडलों में 65 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। जिले में औसतन 69.4 मिमी बारिश हुई, जबकि मुलशी तहसील के आंबवणे में सर्वाधिक 296 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। आंबेगांव में 317 मिमी, लोणावला में 202 मिमी, कुसगांव में 189 मिमी तथा वडगांव मावल और तलेगांव में 172.5-172.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

कई तहसीलों में जनजीवन प्रभावित

मावल में 162.2 मिमी, मुलशी में 134.6 मिमी, आंबेगांव में 113.6 मिमी, खेड़ में 102.6 मिमी, जुन्नर और वेल्हे में 97-97 मिमी तथा भोर में 79.1 मिमी वर्षा हुई। पुणे शहर में औसतन 71.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर सड़कें धंस गईं, पुल जलमग्न हो गए और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं।

10,271 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 10,271 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत कार्य मुख्य रूप से मावल, मुलशी, पुणे शहर, आंबेगांव और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में चलाया गया। प्रभावित लोगों को स्कूलों, समाज मंदिरों, ग्राम पंचायत भवनों और राहत शिविरों में ठहराया गया है, जहां भोजन, पेयजल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

तीन की मौत, दो की तलाश जारी

बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोग लापता हैं। प्रशासन की टीमें उनकी तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। कई क्षेत्रों में तेज बहाव और भूस्खलन के कारण हादसे हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

पशुधन को भी भारी नुकसान

अतिवृष्टि का असर पशुधन पर भी पड़ा है। विभिन्न तहसीलों में पांच बड़े पशुओं और करीब 4,550 मुर्गियों की मौत दर्ज की गई है। जिला प्रशासन ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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