

पुणे की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक धरोहर शहर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र (Global Tourism Map) पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने में केंद्रीय भूमिका निभा सकती है। पुणे फेस्टिवल और महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (MTDC) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक विशेष पर्यटन सेमीनार में पर्यटन निदेशालय (पुणे क्षेत्रीय कार्यालय) के उप निदेशक भारत लांघी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि पर्यटन नीतियों के मजबूत क्रियान्वयन और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे के तेज विकास से पुणे भारत में एक प्रमुख 'टूरिज्म ब्रांड' बनकर उभर सकता है।
भारत लांघी ने कहा कि पुणे शहर को पहले से ही शिक्षा, ऑटोमोबाइल, आईटी और स्वास्थ्य सेवा के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परिसंपत्तियों को उजागर करके पर्यटन क्षेत्र का विस्तार किया जा सकता है।
उन्होंने विशेष रूप से जुन्नर का उल्लेख किया, जो सातवाहन काल से जुड़ा है और महत्वपूर्ण बौद्ध गुफाओं का घर है। उन्होंने जुन्नर को हेरिटेज टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने के साथ-साथ साहसिक खेल, किला, गुफाएं, बांध, वेलनेस, कृषि और ग्रामीण पर्यटन में अपार अवसरों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बेहतर आवास, सुगम परिवहन, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को विस्तार के लिए आवश्यक बताया। साथ ही, युवाओं, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स को सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
सेमीनार में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए:
सार्वजनिक-निजी समन्वय: देवम टूर्स एंड ट्रेवल्स के अध्यक्ष नीलेश भंसाली ने कहा कि सतत विकास के लिए सरकारी एजेंसियों और निजी ऑपरेटरों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। बुनियादी ढांचे, परिवहन और पर्यटकों की सुरक्षा में सरकारी भागीदारी बेहद जरूरी है।
वेलनेस और एग्री-टूरिज्म: वेलनेस विशेषज्ञ डॉ. संतोष सूर्यवंशी ने प्राकृतिक खेती, आयुर्वेद आधारित जीवनशैली और गौशालाओं से जुड़े वेलनेस टूरिज्म की संभावनाओं पर जोर दिया।
विदेशी पर्यटकों के लिए सुविधाएं: पराशर एग्री एंड विलेज टूरिज्म के संस्थापक मनोज हाडावले ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बहुभाषी सटीक जानकारी, स्वच्छता और सुरक्षा जैसे बुनियादी ढांचे में सुधार आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान पुणे फेस्टिवल के अध्यक्ष कृष्णकुमार गोयल तथा महासचिव व सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य समन्वयक डॉ. सतीश देसाई ने वक्ताओं को सम्मानित किया। मावल तहसील के दारुंब्रे गांव में 'आनंदमाला कृषि पर्यटन केंद्र' के समीर वाघोले को कृषि पर्यटन क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन करुणा पाटिल ने किया।