

Pune On Street Car Parking 40 Rupees Hourly: पुणे शहर में सार्वजनिक पार्किंग की नई नीति के तहत पार्किंग शुल्क में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। पुणे महानगरपालिका (PMC) ने सेंट्रल और अधिक घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ऑन-स्ट्रीट कार पार्किंग का शुल्क ₹40 प्रति घंटा रखने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी स्थायी समिति और आम सभा की मंजूरी के अधीन है।
PMC के अनुसार, शहर में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जबकि उपलब्ध पार्किंग जगह सीमित है। शहर में हर दिन करीब 1,000 से 1,500 नए वाहन पंजीकृत होने का अनुमान है। इसी पृष्ठभूमि में मौजूदा पार्किंग व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है।
मौजूदा पार्किंग नीति में शहर को तीन जोन में बांटा गया है। संशोधित नीति में इन्हें घटाकर दो जोन, जोन A और जोन B करने का प्रस्ताव है।
जोन A में शहर के मध्य और अधिक घनी आबादी वाले इलाके शामिल होंगे, जबकि जोन B में शहर के बाकी क्षेत्र आएंगे।
ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग के लिए प्रस्तावित प्रति घंटे की दर इस प्रकार है:
प्रस्ताव के अनुसार, सड़क पर पार्किंग यानी ऑन-स्ट्रीट पार्किंग का शुल्क ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग की तुलना में अधिक रखा जाएगा।
नई नीति में लंबे समय तक वाहन पार्क करने वालों के लिए शुल्क क्रमशः बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में चारपहिया वाहन के लिए पहले घंटे का शुल्क ₹40 होगा और 10 घंटे तक पार्किंग करने पर कुल शुल्क ₹500 तक पहुंच सकता है।
वर्ष 2018 की पार्किंग नीति में पार्किंग मांग के आधार पर शहर को तीन जोन में विभाजित किया गया था। संशोधित प्रस्ताव में मैकेनिकल पार्किंग सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। इनमें चारपहिया वाहनों के लिए ₹40 प्रति घंटे की दर प्रस्तावित है।
पुणे में सार्वजनिक परिवहन, खासकर मेट्रो के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए मेट्रो स्टेशनों के पास मौजूद ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग स्थलों पर मासिक पास शुरू करने का भी प्रस्ताव है।
नई ऑन-स्ट्रीट पार्किंग नीति को शुरुआत में शहर की पांच सड़कों पर लागू करने का प्रस्ताव है। इनमें बालेवाड़ी हाई स्ट्रीट, बिबवेवाड़ी रोड, विमान नगर रोड, लक्ष्मी रोड और जंगली महाराज रोड से फर्ग्युसन कॉलेज रोड तक का हिस्सा शामिल है।
इसके बाद अन्य प्रमुख सड़कों पर व्यवस्था का विस्तार करने का अधिकार नगर आयुक्त को देने का प्रस्ताव है।
PMC की योजना पार्किंग की कुल क्षमता, उपलब्ध जगह और शुल्क की रियल-टाइम जानकारी मोबाइल ऐप या डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के जरिए उपलब्ध कराने की भी है।
हालांकि, प्रस्तावित शुल्क और नई पार्किंग व्यवस्था को लागू करने से पहले इसे स्थायी समिति और आम सभा की मंजूरी मिलना जरूरी होगा।