पुणे में दहेज का दैत्य, फुरसुंगी में शादी के 9 महीने बाद महिला ने की आत्महत्या, पति गिरफ्तार

Pune Dowry Harassment: पुणे के फुरसुंगी इलाके में शादी के 9 महीने बाद ही मायके से पैसे लाने के दबाव में 26 वर्षीय महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है।
Newlywed suicide case
नवविवाहिता आत्महत्या मामला(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Crime News: पुणे के फुरसुंगी इलाके में मायके से पैसे लाने के लिए ससुराल वालों द्वारा दी जा रही प्रताड़ना से तंग आकर 26 वर्षीय नवविवाहिता ऐश्वर्या आशुतोष जाधव ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह दुखद घटना 12 सितंबर को पापड़ेवस्ती, ढमालवाडी में घटी। ऐश्वर्या का विवाह दिसंबर 2025 में आशुतोष जाधव से हुआ था। विवाह के महज 9 महीने बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से लगातार मायके से पैसे लाने की मांग की जाने लगी और इनकार करने पर ऐश्वर्या को गंभीर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।

पति गिरफ्तार, बाकी आरोपी फरार

ससुराल वालों के लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर अंततः ऐश्वर्या ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और कार्रवाई करते हुए मृतका के पति आशुतोष गोविंद जाधव (30) को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, प्रताड़ना में शामिल सास, ससुर और ननद के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी है।

कानूनी प्रावधान और पुलिस कार्रवाई

पुणे के फुरसुंगी क्षेत्र में घटी यह दुखद घटना भारतीय समाज में जड़ जमा चुकी दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के गंभीर मुद्दे को उजागर करती है। कानूनी परिप्रेक्ष्य से देखें तो भारतीय कानून में दहेज प्रतिषेध अधिनियम (Dowry Prohibition Act) और संबंधित धाराओं के तहत उत्पीड़न व खुदकुशी के लिए उकसाने के खिलाफ बेहद सख्त प्रावधान मौजूद हैं। पुलिस द्वारा आरोपी पति की गिरफ्तारी और फरार रिश्तेदारों पर केस दर्ज करना जरूरी कानूनी कदम है, फिर भी ऐसी घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

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सामाजिक जागरूकता और त्वरित सहायता की आवश्यकता

महिलाओं पर मानसिक और आर्थिक दबाव बनाने की यह प्रवृत्ति अक्सर शुरुआती उत्पीड़न को चुपचाप सहने के कारण गंभीर रूप ले लेती है। ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है। परिवारों को बेटियों को प्रताड़ना सहने के बजाय समय पर आवाज उठाने और विधिक सहायता या पुणे पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ा संदेश जाए।

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