

Pune Municipal Corporation: पुणे शहर में सीवेज के शत-प्रतिशत उपचार का दावा अभी भी जमीन पर दूर नजर आ रहा है। शहर में प्रतिदिन 750 से 800 एमएलडी सीवेज उत्पन्न हो रहा है, जबकि मनपा के फिलहाल चालू 9 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में करीब 430 एमएलडी का ही उपचार हो पा रहा है यानी रोजाना 320 से 370 एमएलडी सीवेज के उपचार का अंतर बना हुआ है। सीवेज उपचार की इस स्थिति को लेकर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) ने वर्ष 2022 से अब तक मनपा को चार नोटिस भी जारी किए हैं।
ऐसे में नए एसटीपी के निर्माण के साथ सीवेज नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना भी मनपा के सामने बड़ी चुनौती है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के नगरसेवक हर्षवर्धन मानकर ने मुख्य सभा में मनपा के एसटीपी की स्थिति, क्षमता और सीवेज उपचार को लेकर प्रशासन से जानकारी मांगी थी।
इसके जवाब में प्रशासन ने मौजूदा व्यवस्था के साथ भविष्य में प्रस्तावित परियोजनाओं का ब्योरा दिया है। शहर में रोजाना 750-800 एमएलडी सीवेज पैदा हो रहा है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में केवल 430 एमएलडी का उपचार हो रहा है।
हालांकि, इस पूरे अंतर को सिर्फ एसटीपी की कमी से जोड़ना उचित नहीं होगा। सीवेज को उपचार संयंत्रों तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन और नेटवर्क की उपलब्धता तथा उसकी क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
जिन क्षेत्रों में नेटवर्क नहीं है या क्षमता अपर्याप्त है, वहां सीवेज नालों के जरिए नदी तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। मुला-मुठा नदी प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मनपा की ओर से कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसके बावजूद शहर में उत्पन्न होने वाले पूरे सीवेज का उपचार नहीं हो पा रहा है।
वर्ष 2022 से एमपीसीबी की ओर से जारी चार नोटिस इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं, केवल नए एसटीपी बनाने से समाधान नहीं होगा। मौजूदा संयंत्रों की क्षमता और कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ सीवेज नेटवर्क का विस्तार भी जरूरी है।
सीवेज उपचार क्षमता बढ़ाने के लिए मनपा ने मुला-मुठा नदी प्रदूषण नियंत्रण परियोजना के तहत जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) की सहायता से 11 नए एसटीपी की योजना बनाई है। इनकी कुल क्षमता करीब 396 एमएलडी होगी।
नए संयंत्रों के साथ मौजूदा एसटीपी के उन्नयन की भी योजना है। सभी परियोजनाएं पूरी होने के बाद मनपा की कुल उपचार क्षमता 900 एमएलडी से अधिक करने का लक्ष्य है।
चालू एसटीपी- 9
एमएलडी - रोजाना उपचार- 430
एमएलडी-रोजाना सीवेज- 800
एमएलडी-उपचार का अंतर- 370
एमपीसीबी, 2022 से नोटिस- 4
प्रस्तावित नए एसटीपी- 11
एमएलडी-संयंत्रों की क्षमता- 396
एमएलडी - प्रस्तावित क्षमता- 900
पुणे मनपा के लिखित जवाब के अनुसार नायडू अस्पताल परिसर, बाणेर, धानोरी और वारजे सहित कुछ क्षेत्रों में नए एसटीपी का सिविल और यांत्रिक काम पूरा हो चुका है।
कुछ परियोजनाओं में परीक्षण संचालन भी शुरू किया गया है। हालांकि, इन्हें नियमित रूप से पूरी क्षमता पर कब शुरू किया जाएगा, यह अभी सवाल बना हुआ है।