

Uttarkashi disaster 24 friends missing from Pune: उत्तराखंड में बादल फटने से हुई तबाही के बाद से कई लोग लापता है। इसमें महाराष्ट्र के पर्यटक भी शामिल है। महाराष्ट्र के 149 पर्यटकों में से लगभग 75 के फ़ोन अभी भी बंद हैं और नेटवर्क से बाहर हैं। एक दिन पहले खबर आयी थी कि जलगांव के 16 लोग घटना के बाद से गायब है। अब पुणे के पर्यटकों को लेकर भी बड़ी खबर सामने आ रही है।
पुणे के 24 दोस्तों का एक ग्रुप लापता हो गया है। यह समूह पुणे के एक स्कूल के 1990 बैच के दोस्तों का है। ये सभी दोस्त महाराष्ट्र के 75 पर्यटकों के एक समूह का हिस्सा थे। 24 दोस्तों का यह समूह बुधवार को गंगोत्री के पास धराली गांव में आई बाढ़ के बाद से लापता है। इसके अलावा, महाराष्ट्र के 74 अन्य पर्यटक भी उत्तराखंड में फंसे हुए हैं।
पुणे के मंचर के अवसरी खुर्द गांव से अशोक भोर और उनके 23 दोस्त 35 साल बाद चार धाम यात्रा के लिए एकत्रित हुए थे। मुंबई और अन्य जगहों पर रहने वाले इस ग्रुप के लोगों ने 1 अगस्त को अपनी यात्रा शुरू की थी।
अशोक भोर के बेटे आदित्य ने बताया कि उन्होंने अपने पिता से आखिरी बार 4 अगस्त को बात की थी। उनके पिता ने उन्हें फ़ोन पर बताया था कि वे गंगोत्री से लगभग 10 किलोमीटर दूर हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रास्ते में एक पेड़ गिरने और एक छोटे से भूस्खलन के कारण वे फंस गए हैं। आदित्य ने बताया कि उसके बाद से उनसे या उनके समूह के किसी अन्य सदस्य से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
बारामती की सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को सोशल मीडिया पर इस पर्यटक समूह की जानकारी शेयर की। उन्होंने राज्य सरकार और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है। इस पर राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि फंसे हुए पर्यटकों को निकालने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
1. अशोक किसान भोर
2. सविता शंकर काले
3. अशोक टेमकर
4. लीला रोकड़े
5. माणिक धोरे
6. मारुति शिंदे
7. समृद्धि जंगम
8.सतीश मांगड़े
9. लीना जंगम
10.पुरुषोत्तम
11. संगीता वालू
12. शिंदे गहिनीनाथ
13. अरुणा सत्कार
14. विट्ठल खेडकर
15. सुनीता ढोरे
16. नितिन जाधव
17. मंगल
महाराष्ट्र के एक आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि फंसे हुए पर्यटकों से संपर्क करना मुश्किल है। लेकिन वे उत्तराखंड प्रशासन के संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि मुंबई से आए लगभग 61 पर्यटक सुरक्षित हैं। वे हनुमान आश्रम में ठहरे हुए हैं। अधिकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के 149 पर्यटकों में से लगभग 75 के फ़ोन अभी भी बंद हैं। उनसे अब तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है।