MPSC ऑनलाइन परीक्षा पर छात्रों से चर्चा के बाद ही हो फैसला, अफवाह फैलाने वाले कोचिंग सेंटर्स को CM की चेतावनी

Pune Education News: पुणे में 'सारथी' के समारोह में CM फडणवीस ने कहा कि MPSC ऑनलाइन परीक्षा पर कोई भी फैसला छात्रों से चर्चा के बाद ही हो। अफवाह फैलाने वाले कोचिंग संस्थानों को उन्होंने सख्त चेतावनी
At the Sarthi event in Pune, CM Fadnavis stated that the decision on MPSC online exams will only be made after talks with students. He warned coaching centers against inciting youth.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सुनेत्रा अजीत पवार (सोर्स: एक्स@CMOMaharashtra)
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Maharashtra Politics Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं को ऑनलाइन कराने के प्रस्ताव और उस पर विधार्थियों के विरोध को लेकर जारी विवाद और असमंजस के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में एक कार्यक्रम में कहा कि आयोग इस संवेदनशील विषय पर कोई भी फैसला एकतरफा न ले। इस बदलाव को लेकर अभ्यर्थियों और छात्रों के मन में जो भी चिंताएं या शंकाएं हैं, उन्हें गंभीरता से सुना जाए। सभी संबंधित पक्षों के साथ व्यापक और सकारात्मक चर्चा के बाद ही इस पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाए।

साथ ही उन्होंने उन निजी कोचिंग संस्थानों को भी कड़ी चेतावनी दी, जो अपने व्यवसायिक हितों के लिए छात्रों को भ्रमित कर रहे हैं और उन्हें आंदोलन के लिए उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शुक्रवार को पुणे में 'सारथी' द्वारा आयोजित एक विशेष गौरव समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम यूपीएससी और एमपीएससी परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों तथा उनके गौरवान्वित अभिभावकों के सम्मान में रखा गया था।

निजी कोचिंग संस्थान छात्रों को न उकसाएं

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपीएससी के अध्यक्ष से हमारी इस विषय पर विस्तृत और गंभीर चर्चा हुई है। आयोग भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं को ऑनलाइन कराने पर विचार जरूर कर रहा है, लेकिन वर्तमान में छात्रों के बीच इसे लेकर भारी भ्रम और चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि एकतरफा फैसले हमेशा केवल भ्रम और असंतोष पैदा करते हैं, जबकि आपसी संवाद और चर्चा -से लिए गए निर्णय छात्रों के भीतर विश्वास जगाते हैं। इसलिए आयोग को हर हाल में  छात्रों से सीधे बातचीत कर उनकी शंकाओं का दूर करना चाहिए।

गौरवशाली ट्रैक रिकॉर्ड साझा किया

समारोह में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, महापौर मंजुषा नागपुरे सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सारथी संस्था के पदाधिकारी और विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने मंच से 'सारथी' के गौरवशाली ट्रैक रिकॉर्ड को साझा करते हुए कहा कि इस संस्था के बेहतरीन मार्गदर्शन के जरिए अब तक संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 140, एमपीएससी में 1,124 तथा बैंकिंग क्षेत्र में 500 से अधिक युवाओं ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए 13 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के योग्य बनाया गया है, जबकि दो लाख से अधिक विद्यार्थियों को अलग-अलग प्रशिक्षण योजनाओं का सीधा लाभ मिला है।

'सारथी' युवा सशक्तिकरण का बेहद सशक्त माध्यम

इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने कहा कि सारथी आज केवल सरकारी योजनाओं को लागू करने वाली एक साधारण संस्था मात्र नहीं रह गई है, बल्कि यह महाराष्ट्र में सामाजिक परिवर्तन, शैक्षणिक प्रगति और युवा सशक्तिकरण का एक बेहद सशक्त और प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज के सामाजिक न्याय, समानता और सर्वसमावेशी शिक्षा के महान विचारों को सारथी संस्था के जरिए आज धरातल पर उत्तारा जा रहा है।

विश्वस्तरीय सुविधाएं देने की घोषणा

उपमुख्यमंत्री ने सफल विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पूरे महाराष्ट्र के उज्ज्वल और प्रगतिशील भविष्य का एक सुंदर प्रतीक है। विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी कड़ी मेहनत से सफलता का शिखर छूने वाले इन छात्रों के पीछे उनके माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सारथी संस्था के सहयोग की बहुत बड़ी भूमिका है।

छात्रों को भविष्य में और बेहतर और विश्वस्तरीय सुविधाएं देने की घोषणा करते हुए बताया कि सारथी के भव्य प्रशासनिक मुख्यालय, 8 नए क्षेत्रीय कार्यालयों तथा 500 छात्र-छात्राओं की क्षमता वाले अत्याधुनिक एवं सर्वसुविधा युक्त छात्रावासों के निर्माण के लिए सरकार ने 1,360 करोड रुपये की एक विशाल परियोजना को मंजूरी दे दी है।

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