पुणे बनेगा भारत का डिफेंस हब! STRIDE 2025 में सेना और स्टार्टअप्स की नई पार्टनरशिप

हाल ही में भारतीय सेना के सदर्न कमांड द्वारा STRIDE 2025 का आयोजन किया गया था। जिसमें देश के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने पुणे को डिफेंस हब बनाने का ऐलान किया है।
STRIDE 2025
STRIDE 2025 (सौ. सोशल मीडिया X )
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Pune News In Hindi: भारतीय सेना के सदर्न कमांड द्वारा आयोजित पहले रक्षा प्रौद्योगिकी सेमिनार 'STRIDE 2025' ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि पुणे आने वाले वर्षों में भारत का प्रमुख रक्षा और तकनीकी हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर देश के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सैन्य शक्ति, तकनीकी नवाचार और औद्योगिक विकास को एक साथ जोड़ना समय की मांग है। तकनीक और रणनीति दोनों समान रूप से अहम सेमिनार का उद्घाटन सदन कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने किया। उन्होंने कहा कि युद्ध क्षेत्र में तकनीक आज की सबसे बड़ी जरूरत है, लेकिन पारंपरिक युद्ध रणनीतियां जैसे आक्रमण और चपलता हमेशा अहम रहेंगी।

तकनीकी बढ़त बहुत जरूरी

उन्होंने जोर दिया कि आने वाले समय में युद्ध क्षेत्र में तेजी, लवीलापन, अनुकूलन क्षमता और तकनीकी बढ़त निर्णायक साबित होंगी, उन्होंने यह भी कहा कि प्रायद्वीपीय भारत, विशेषकर महाराष्ट्र, रक्षा स्टार्टअप्स और एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों) के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करने की भूमिका में है। STRIDE जैसे मंच नए विचारों को दिशा देंगे, स्टार्टअप्स को समर्थन मिलेगा और तकनीकी क्षमताएं विकसित होगी।

निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ी

सिंह ने बताया कि भारत का घरेलु रक्षा उत्पादन - 2014 में 43 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर पिछले वर्ष 1।5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसका श्रेय उन्होंने निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को दिया। उन्होंने भारतीय कंपनियों से आह्वान किया कि वे न अनुसंधान और विनिर्माण क्षमता में और अधिक निवेश करें। इस सेमिनार में सेना, डीआरडीओ, अकाद‌मिक जगत, उद्योग संघों और रक्षा स्टार्टअप्स र के प्रतिनिधि शामिल हुए। पूर्ण भारत का रक्षा और तकनीकी नवाचार केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

आर्थिक विकास और रक्षा उत्पादन में सामंजस्य

  • मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी युद्ध में तकनीकी श्रेष्ठता और औद्योगिक क्षमता निर्णायक भूमिका निभाती हैं।
  • उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हम 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हैं और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर बनने का लक्ष्य रखते हैं।
  • ऐसे में रक्षा उद्योग को भी उसी गति से आगे बढ़ाना होगा। सिंह ने यह भी बताया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जहां बहुपक्षीय सहयोग कमजोर हो रहा है और यूरोप व पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी है।
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