पुणे में बढ़ा बायोमेडिकल कचरा: हर दिन निकल रहा 9,485 किलो कचरा, कोरोना काल से दोगुनी हुई मात्रा

Biomedical Waste Pune: पुणे की 'पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट 2025-26' के अनुसार शहर में प्रतिदिन 9,485 किलो बायोमेडिकल कचरा बन रहा है, जो कोरोना काल से दोगुना है। कचरा निस्तारण बड़ी चुनौती बना।
PMC Environment Report 2025-26 reveals Pune generates 9,485 kg of biomedical waste daily, double the pre-COVID levels, posing serious waste management challenges.
पुणे में बढ़ा बायोमेडिकल कचरा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

 Pune Solid Waste Management Environment Report: पुणे शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के तेजी से विस्तार के साथ जैव-चिकित्सा (बायोमेडिकल) कचरे की मात्रा भी लगातार बढ़ रही है। पुणे महानगरपालिका की 'पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट 2025-26' के अनुसार शहर में प्रतिदिन लगभग 9,485 किलोग्राम बायोमेडिकल कचरा उत्पन्न हो रहा है। यह मात्रा कोरोना महामारी से पहले के स्तर की तुलना में दोगुने से भी अधिक है।

अस्पताल और मेडिकल टूरिज्म बने प्रमुख कारण

रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर में मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर और मेडिकल टूरिज्म के तेजी से बढ़ने के कारण जैव-चिकित्सा कचरे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में इस कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण कैलाश श्मशान भूमि परिसर स्थित अधिकृत बायोमेडिकल वेस्ट प्रोसेसिंग सेंटर में किया जा रहा है।

2020 के मुकाबले कचरे की मात्रा में बड़ी छलांग

पर्यावरण रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020 में पुणे से प्रतिदिन केवल 3,000 से 3,500 किलोग्राम बायोमेडिकल कचरा निकलता था। अब यह बढ़कर करीब 9,485 किलोग्राम प्रतिदिन हो गया है। इससे स्पष्ट है कि स्वास्थ्य क्षेत्र के विस्तार के साथ कचरा प्रबंधन की चुनौती भी लगातार बढ़ रही है।

किस तरह का कचरा सबसे ज्यादा निकल रहा है

वर्तमान में पुणे शहर से प्रतिदिन लगभग 4,558 किलोग्राम ज्वलनशील कचरा, 3,800 किलोग्राम ऑटोक्लेवेबल कचरा, 184 किलोग्राम धारदार चिकित्सा सामग्री तथा 141 किलोग्राम कांच से संबंधित बायोमेडिकल कचरा एकत्र किया जा रहा है। इन सभी श्रेणियों के कचरे का सुरक्षित निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाता है।

प्रशासन के सामने बढ़ी कचरा प्रबंधन की चुनौती

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुसार प्रति अस्पताल बेड 250 से 500 ग्राम बायोमेडिकल कचरा सामान्य माना जाता है। पुणे में यह औसतन 303 ग्राम प्रति बेड दर्ज किया गया है, जो निर्धारित मानकों के भीतर है।

इसके बावजूद स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के कारण कुल कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भविष्य में सुरक्षित संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करना पुणे महानगरपालिका और संबंधित एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com