

Re Immersion Eco Friendly Ganeshotsav Pune: गणेशोत्सव और आगामी नवरात्रि उत्सव के दौरान शहर के विभिन्न कृत्रिम तालाबों व जल निकायों से संकलित की जाने वाली गणेश एवं दुर्गा मूर्तियों का धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सम्मानजनक पुनर्विसर्जन (Re-immersion) सुनिश्चित करने के लिए पुणे महानगरपालिका (PMC) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
मनपा प्रशासन द्वारा भावड़ी स्थित एक विशाल खदान को 25 दिनों की अवधि के लिए किराए पर लेने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसे स्थायी समिति ने अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। इस फैसले से त्योहारों के दौरान नदियों और प्राकृतिक जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में बड़ी मदद मिलेगी।
स्थायी समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भावड़ी स्थित खदान के मालिक सोमनाथ तांबे ने शुरुआत में 25 दिनों की अवधि के लिए ₹15 लाख का प्रारंभिक कोटेशन मनपा के समक्ष प्रस्तुत किया था।
हालांकि, सार्वजनिक धन के उचित उपयोग को ध्यान में रखते हुए मनपा अधिकारियों ने खदान मालिक के साथ बातचीत की। इस प्रभावी मोलभाव के बाद खदान मालिक ₹2.50 लाख की कटौती करने पर सहमत हो गया। इसके पश्चात अंततः ₹12.50 लाख की संशोधित दर पर इस प्रस्ताव को स्थायी समिति द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
पुणे मनपा हर साल नागरिकों से अपील करता है कि वे नदियों में मूर्तियां विसर्जित करने के बजाय मनपा के कृत्रिम तालाबों (Artificial Tanks) में दान करें। इन संकलित मूर्तियों को बाद में किसी सुरक्षित और गहरे स्थान पर पुनर्विसर्जित किया जाता है।
भावड़ी खदान उपलब्ध होने से न केवल श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होने से बचेंगी, बल्कि मुथा नदी और शहर के अन्य जलाशयों में प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) और रासायनिक रंगों से होने वाले प्रदूषण पर भी प्रभावी रोक लगेगी।