

Baramati Bridge Danger Shirsufal Bhigwan Road: बारामती तहसील के अंतर्गत आने वाले शिर्सुफल-पारवडी सीमा पर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शिसूंफल-भिगवण मार्ग पर स्थित मुख्य पुल के बीचों-बीच बड़े-बड़े और गहरे गड्डे हो गए हैं, जिससे यह पूरा रास्ता यातायात के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। स्कूली छात्रों और आम नागरिकों की भारी आवाजाही वाले इस मुख्य मार्ग की दुर्दशा पर सार्वजनिक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
यह मार्ग सुपे और पालखी राष्ट्रीय राजमार्ग को सीधे भिगवण से जोड़ता है, जिसके कारण दिन-रात यहां से भारी वाहनों का गुजरना लगा रहता है। इसके अतिरिक्त, बारामती एग्रो कारखाने की ओर जाने वाले गन्ने से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर और ट्रक भी इसी पुल का इस्तेमाल करते हैं।
चौबीसों घंटे भारी यातायात के दबाव वाले इस कमकुवत पुल पर समय रहते मरम्मत न होने की स्थिति में किसी भी समय भीषण दुर्घटना होने और जान-माल का बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पिछले वर्ष इस मार्ग के चौड़ीकरण का काम शुरू किया गया था, जिसके तहत विभिन्न स्थानों पर पुलों का निर्माण और मरम्मत कार्य हाथ में लिया गया था, लेकिन संबंधित ठेकेदार और विभाग ने इस काम को बीच में ही अर्धवट अवस्था में छोड़ दिया और काम बंद कर दिया,
निर्माण कार्य अधूरा छूट जाने की वजह से पुल की संरचना दिनों-दिन और अधिक कमजोर होती चली गई, जिसका परिणाम आज बड़े गड्डों के रूप में सामने है। बारामती पुल की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि वर्तमान में लोग जान हथेली पर रखकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। हालात लगातार बिगड़ने के कारण इस मार्ग को कभी भी यातायात के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ सकता है।
स्थानीय ग्रामीण संजय आटोले ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि इस लापरवाही के कारण पहले भी कई छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं। यदि लोक निर्माण विभाग ने तुरंत पुल की मरम्मत कर यातायात को सुरक्षित नहीं बनाया, तो भविष्य में होने वाले हर बड़े हादसे की पूरी जिम्मेदारी केवल और केवल प्रशासन की होगी।
प्रशासन गहरी और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। हमारी मांग है कि काम को अधूरा छोड़ने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई हो और पुल की तुरंत मरम्मत की जाए। - संजय आटोले, स्थानीय -निवासी, शिर्सुफल