

Pune Baramati Election News: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा महाराष्ट्र विधान परिषद के स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते ही पुणे जिले सहित बारामती में तत्काल प्रभाव से आचारसंहिता लागू कर दी गई है। इस चुनावी माहौल के चलते आगामी 20 मई को आयोजित होने वाली बारामती नगर परिषद की आम बैठक को एक बार फिर स्थगित करना पड़ा है।
इससे शहर के विकास के 77 महत्वपूर्ण प्रस्ताव अटके है। साथ ही नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा हैप्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, वार्षिक बजट की केवल एक विशेष बैठक को छोड़ दिया जाए, तो पिछले छह महीनों में बारामती नगर परिषद की एक भी नियमित आम बैठक पूरी नहीं हो सकी है।
दिसंबर 2025 में नगर परिषद के नए पार्षदों के चुने जाने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलचलें तेज थीं। इसके बाद, जनवरी 2026 में राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के असामयिक निधन के कारण शहर गहरे शोक में डूब गया।
इस दुखद घटना के बाद केवल एक बजट बैठक आयोजित की जा सकी थी, जिसके तुरंत बाद विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई और बैठक ठप हो गई। विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने 20 मई को आम बैठक आयोजित करने की पूरी तैयारी कर ली थी।
इस महत्वपूर्ण बैठक के एजेंडे में शहर के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कुल 77 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को शामिल किया गया था, जिन पर चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाना था। लेकिन, बैठक से ठीक पहले विधान परिषद चुनाव की घोषणा हो गई। इस बार-बार के स्थगन से नाराज स्थानीय संगठन और नागरिक अब यह मांग कर रहे हैं कि नगर परिषद प्रशासन को विकास कार्यों के हित में सीधे चुनाव आयोग से विशेष अनुमति की गुहार लगानी चाहिए।
लगातार बैठकों के रद्द होने और 77 महत्वपूर्ण प्रस्तावों के अधर में लटकने से अब वारामती के विकास पर इसका गंभीर असर दिखने लगा है। टेंडर प्रक्रिया, जलापूर्ति योजनाएं, सड़कों की मरम्मत और स्वच्छता जैसे जनहित के बड़े प्रोजेक्ट्स फाइलों में बंद हो गए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का मानना है कि बार-बार लग रही आचार संहिता के कारण प्रशासनिक काम पूरी तरह ठप हो गए है, जिससे जनता की परेशानियां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
हमने पुणे शहर के महत्वपूर्ण 77 विषयों पर निर्णय लेने और इस बैठक को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए जिलाधिकारी से विशेष अनुमति मांगी थी। लेकिन प्रशासनिक स्तर पर हमे बैठक करने की अनुमति नहीं मिल सकी। अनुमति न मिलने के कारण नियमानुसार हमें इस आम बैठक को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा है।
- सचिन सातव, नगराध्यक्ष, नगर परिषद, - बारामती