हादसा या साजिश… CID खोलेगी अजित पवार की मौत के राज! संभाली बारामती विमान हादसे के जांच की कमान
Baramati Plane Crash: बारामती विमान हादसे की जांच अब महाराष्ट्र CID करेगी। उपमुख्यमंत्री अजित पवार और 4 अन्य की मौत के पीछे किसी तकनीकी खराबी या साजिश की संभावनाओं को खंगाला जा रहा है।
- Written By: आकाश मसने
अजित पवार के प्लेन हादसे की तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ajit Pawar Death Case CID Investigation : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दुखद मृत्यु ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। 28 जनवरी को बारामती हवाई पट्टी के पास हुए इस भीषण विमान हादसे की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी जांच महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (CID) को सौंप दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि राज्य पुलिस ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
पुणे ग्रामीण पुलिस से केस ट्रांसफर
शुरुआती तौर पर पुणे ग्रामीण पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत ‘आकस्मिक मृत्यु’ का मामला दर्ज किया था। हालांकि, घटना के हाई-प्रोफाइल होने और अजित पवार जैसे कद्दावर नेता की संलिप्तता के कारण, मामले को गहन जांच के लिए CID को स्थानांतरित कर दिया गया है। CID की टीम जल्द ही पुणे पुलिस से केस के सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेगी।
क्या यह सिर्फ एक हादसा था?
जांच का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि क्या विमान के साथ उड़ान भरने से पहले कोई छेड़छाड़ (Sabotage) की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, CID इस बात की जांच कर रही है कि मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरने से पहले विमान की सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई थी।
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अनुभवी चालक दल के बावजूद हुए हादसा
बारामती प्लेन हादसे के वक्त विमान की कमान बेहद अनुभवी हाथों में थी। विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर के पास 15,000 घंटे का विशाल उड़ान अनुभव था, जबकि सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक के पास भी 1,500 घंटे का अनुभव था। इतने अनुभवी क्रू के बावजूद विमान कैसे दुर्घटनाग्रस्त हुआ, यह एक बड़ा सवाल है। इस हादसे में पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की भी जान चली गई।
AAIB की समानांतर जांच
CID के साथ-साथ, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) भी अपनी तकनीकी जांच जारी रखे हुए है। CID की टीम जल्द ही बारामती दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाएगी। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और सच्चाई जल्द ही जनता के सामने आएगी।
