पुणे: बिजली कनेक्शन अटके, 4 करोड़ की सिंचाई योजनाएं अधर में; किसानों की समस्या पर हरकत में सरकार

Pune Farmers Protest Hunger Strike: पुणे के धामणी गांव में रुकी सिंचाई योजनाओं को लेकर किसानों को उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद महावितरण अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
Pune: Electricity Connections Stalled, ₹4 Crore Irrigation Schemes in Limbo; Government Swings into Action Over Farmers' Grievances
MSEDCL Inspection Pune( Source: Social Media )
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Agriculture Electricity Connection Maharashtra: पुणे आंबेगांव तहसील के धामणी गांव के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विशेष आदेश के बाद, महावितरण के पुणे विभाग के मुख्य अभियंता सुनील काकडे ने सोमवार को धामणी का दौरा किया।

उन्होंने डिंभा दाएं नहर और किसानों के कुओं पर जाकर व्यक्तिगत रूप से स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री को जल्द ही इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों में अपनी रुकी हुई योजनाओं के फिर से शुरू होने की आशा जगी है।

धामणी गांव के किसानों ने एकजुट होकर लाखों रुपये खर्च किए और सामुदायिक उपसा सिंचाई योजनाएं शुरू की। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कृषि पंपों के लिए नए बिजली कनेक्शन देने पर रोक लगाए जाने के कारण लगभग 3.5 से 4 करोड़ रुपये की लागत वाली नौ सिंचाई योजनाएं बीच में ही लटक गई।

इन योजनाओं को विशेष मामले के रूप में तत्काल बिजली कनेक्शन देने की मांग को लेकर करीब 300 ग्रामीणों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल कर सरकार का ध्यान खींचा था।

विधानसभा में आंदोलन की सुनाई दी गूंज

इस आंदोलन की गूंज राज्य विधानसभा के चल रहे सत्र में भी सुनाई दी. दिलीप वलसे पाटिल ने हाल ही में को सदन में धामणी के किसानों का मुद्दा आक्रामक रूप से उठाया और मुख्यमंत्री का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्य अभियंता को 15 दिनों के भीतर मौके पर जाकर निर्णय लेने और रिपोर्ट पेश करने का कड़ा निर्देश दिया था।

15 दिनों के भीतर निर्णय लेने का दिया निर्देश

मुख्य अभियंता सुनील काकडे ने धामणी पहुंचकर डिभा नहर पर प्रायोगिक आधार पर लगाए गए सोलर सिस्टम का बारीकी से निरीक्षण किया, उन्होंने दूर स्थित कुओं तक पानी किस दबाव के साथ पहुंच रहा है।

इसकी भी तकनीकी जांच की। इस दौरान पूर्व पंचायत समिति सदस्य रवींद्र करंजखेले ने किसानों की समस्याओं को विस्तार से अधिकारी के सामने रखा। मौके पर मौजूद सैकड़ों किसानों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है और उन्हें जल्द समाधान की उम्मीद है।

मुख्य अभियंता सुनील काकडे ने स्पष्ट किया है कि वे जल्द ही अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप देंगे। इस निरीक्षण के साथ ही किसानों द्वारा अपने हक के पानी और खेती बचाने के लिए दी गई लंबी लडाई अंतिम सफलता के करीब पहुंचती दिख रही है।

यदि मुख्यमंत्री इस रिपोर्ट के आधार पर बिजली कनेक्शन को मंजूरी देते हैं, तो यह सामुदायिक सिंचाई योजनाओं के लिए पूरे क्षेत्र में एक मिसाल पेश करेगा।

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