माधुरी मिसाल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Madhuri Misal Atrocity Act-related Jobs: पुणे संभाग में अनुसूचित जाति और जनजाति पर होने वाले के अत्याचारों मामलों में पीड़ितों के परिवारों को संबल प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सामाजिक न्याय राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने घोषणा की है कि ‘एट्रॉसिटी’ कानून के तहत पात्र 889 आश्रितों को सरकारी सेवाओं में नियुक्त किया जाएगा।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में यह जानकारी साझा की गई, जहां पुणे जिले के 18 लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए। इस अवसर पर विधायक बापू पठारे और समाजकल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
माधुरी मिसाल (Madhuri Misal) ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 1989 में लागू इस कानून के तहत पीड़ितों के आर्थिक पुनर्वास का प्रावधान है, जिसे महाराष्ट्र में 1995 से प्रभावी किया गया है। वर्ष 2016 के संशोधन के अनुसार, किसी सदस्य की मृत्यु की स्थिति में परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने का नियम अनिवार्य किया गया।
जल संसाधन विभाग ने खडकवासला डैम से फुरसुंगी तक नहर के किनारों पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए एक व्यापक और आक्रामक मुहिम छेड़ दी है। इस अभियान को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विभाग ने विशेष रूप से 50 अतिरिक्त इंजीनियरों की नियुक्ति की है।
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नई कार्ययोजना के तहत नहर के प्रत्येक पांच किलोमीटर के दायरे की जिम्मेदारी चार इंजीनियरों की टीम को सौंपी गई है, जो अतिक्रमण हटाने की पूरी प्रक्रिया की प्रत्यक्ष निगरानी करेंगे, प्रशासन ने दूरदर्शी निर्णय लेते हुए यह भी तय किया है कि जिन स्थानों से झुग्गियों और अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा, वहां सुरक्षा हेतु तत्काल बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जाएगा ताकि भविष्य में पुनः अतिक्रमण की संभावना को समाप्त किया जा सके।
इस कार्रवाई का प्राथमिक उद्देश्य नहर के आसपास की मूल्यवान सरकारी भूमि को मुक्त कराना और जल प्रवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। पिछले कुछ वर्षों में इस संवेदनशील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध बस्तियां और ढांचे निर्मित हो गए थे, जिससे सिंचाई और जलापूर्ति बाधित हो रही थी।